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सवाल जवाब: नसीमुद्दीन सिद्दीकी बोले- कांग्रेस पर सवाल उठाने वाले याद रखें, पाकिस्तान को इंदिरा गांधी ने ही तोड़ा था
Thu, 09 Dec 2021 02:19 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 09 Dec 2021 02:19 PM IST
सार
नसीमुद्दीन सिद्दीकी कहते हैं कि राजनीति में अब जरूरत से ज्यादा गिरावट आ चुकी है। राजनीति पर धर्म और जाति हावी हो गई है। विकास बहुत पीछे छूट चुका है। इस तरह की राजनीति का चंद चालाक लोग फायदा उठा रहे हैं।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन और पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी कहते हैं, कांग्रेस और उसकी सरकारों पर सवाल उठाने वालों को याद रखना चाहिए कि पाकिस्तान को इंदिरा गांधी की सरकार ने ही तोड़ा था। उसे कहीं का नहीं छोड़ा। बांग्लादेश के लोगों को पाकिस्तान के जुल्म से छुटकारा दिलाया। वहीं, आज नरेंद्र मोदी सरकार ने जीडीपी में भारत को बांग्लादेश से भी नीचे पहुंचा दिया है। पेश है नसीमुद्दीन सिद्दीकी से बातचीत के मुख्य अंश...
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सवाल - राजनीति में क्या बदलाव पाते हैं?
जवाब - 38 साल से राजनीति में हूं। आज जरूरत से ज्यादा गिरावट आ चुकी है। राजनीति पर धर्म और जाति हावी हो गई है। विकास बहुत पीछे छूट चुका है। इस तरह की राजनीति का चंद चालाक लोग फायदा उठा रहे हैं। पहले किसान विरोधी कानून बनते हैं। फिर ‘तपस्या में भूल’ कहकर उन्हें वापस लिया जाता है। यह तपस्या आम किसानों, मजदूरों, गरीबों, दलितों, महिलाओं और मजलूमों के लिए नहीं, बल्कि कुछ बड़े पूंजीपति घरानों के लिए की जा रही है। किसान खाद के लिए तड़प रहा है, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ और सिर्फ विकास का झूठा प्रचार हो रहा है।
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सवाल - आपका बसपा से कांग्रेस तक का सफर कैसा रहा?
जवाब - यह बात सही है कि मेरा ज्यादा समय बसपा में बीता। वहां एक व्यक्ति सामने से और एक व्यक्ति परदे के पीछे से फैसला लेता है। हालांकि, सभी निर्णय लेते हुए बहिनजी दिखती हैं, पर हकीकत में परदे के पीछे वाला कम महत्वपूर्ण नहीं है। नतीजा आप देख रहे हैं। 2022 के चुनाव में और भी स्पष्ट नतीजा देखने को मिलेगा। यह देखकर मुझे दुख होता है, क्योंकि बसपा को हमारे जैसे कार्यकर्ताओं ने सालों-साल अपने पसीने से सींचा था। उस पार्टी में हर काम के लिए पैसे देने पड़ते हैं। लेकिन, कांग्रेस की संस्कृति एकदम अलग है। यहां गरीब और कमजोर प्रत्याशियों की मदद की जाती है। बात कहने की पूरी आजादी है। अपनी बात रखने पर बाहर का रास्ता नहीं दिखाया जाता। यूपी की राजनीति में प्रियंका गांधी के सक्रिय होने से आम लोगों में भाजपा और अन्य पार्टियों के खिलाफ उबाल पैदा हो गया है।
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सवाल - आने वाले चुनाव में कांग्रेस की क्या स्थिति रहेगी?
जवाब - देखिए, इस बारे में कोई भविष्यवाणी न तो कर सकता हूं और न ही अभी करना उचित है। लेकिन, इतना जरूर कहूंगा कि प्रियंका गांधी की अगुवाई में कांग्रेस दिन-प्रतिदिन मजबूत हो रही है। उनकी रैलियों में भारी संख्या में मतदाताओं का आना इसका सुबूत है। जबकि, भाजपा की रैलियों में सरकारी खर्च पर भी उतनी भीड़ नहीं जुट पा रही है।
सवाल - राजनीतिक जीवन का कोई रोचक किस्सा?
जवाब - पहली बार कांशीराम जी ने 1991 में मुझे बांदा से विधानसभा का टिकट दिया। उससे पहले चित्रकूट मंडल में कोई भी मुस्लिम विधायक नहीं बना था। यहां सिर्फ छह प्रतिशत मुसलमान हैं। साथी नेताओं के साथ मैंने भी मान लिया था कि हारने के लिए चुनाव लड़ रहा हूं। लेकिन, जब मतों की गिनती शुरू हुई तो मुस्लिम इलाकों में मैं तीसरे नंबर पर रहा। लेकिन, जब हिंदू इलाकों में गणना शुरू हुई तो तीसरे से दूसरे और आखिर में पहले नंबर पर पहुंच गया। चुनाव जीतने के एक माह बाद तक मुझे यह यकीन नहीं हो रहा था कि मैं विधायक बन गया हूं।