ये नई तकनीक करेगी आपके दिन और दिमाग की मदद
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एथेरोस्कोलेरोसिस व हृदय रोगों के नियंत्रण में आधुनिक मेडिकल साइंस महत्वपूर्ण खोजों और अध्ययनों को पेश करती जा रही है। इनकी सफलता बढ़ने के साथ ही उपयोगिता भी बढ़ेगी।
केजीएमयू के पैथालॉजी विभाग के समन्वय से साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में एथेरोस्कोलेरोसिस व हृदय रोगों को लेकर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सीएमई व कॉन्फ्रेंस आईएसएआर-कॉन : 2014 में दुनिया भर से आए चिकित्सकों की कुछ ऐसी ही राय है।
तीन दिवसीय सीएमई (कंटिन्यूइंग मेडिकल एजूकेशन) के साथ इंडियन सोसाइटी ऑफ एथेरोस्कोलेरोसिस रिसर्च की 27वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आईएसएआर-कॉन 2014 का भी आयोजन किया गया और दोनों कार्यक्रम गुरुवार को पूरे हुए।
इस संबंध में आयोजन सचिव डॉ. वाहिद अली ने बताया कि यहां तीन दिन में हुए 12 सत्रों के दौरान जो नई जानकारियां सामने आई हैं, उनका अन्य चिकित्सकों को भी लाभ मिलेगा और वे इन पर काम कर सकेंगे।
इनके जरिए हृदय रोगों से लेकर दिमाग और किडनी के रोगों के लिए उपलब्ध नए समाधानों पर अध्ययन भी हो सकेगा।
खानपान सुधारें, 70 प्रतिशत कम होगा फैट
सीडीआरआई लखनऊ की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. मधु दीक्षित ने बताया कि एथेरोस्कोलेरोसिस यानी हमारी धमनियों में जमा हुआ फैट जो हृदय सहित कई रोगों का कारण है। उसे रोकने में सही खानपान मदद कर सकता है।
अपने संस्थान में खरगोशों पर अध्ययन के दौरान हमने उन्हें वसायुक्त भोजन दिया और एथेरोस्कोलेरोसिस की स्थितियां पैदा कीं। एथेरोस्कोलेरोसिस को दूर करने के लिए उन्हें प्राकृतिक भोजन दिया गया, जिसमें वसा नाममात्र की थी।
परिणाम आए कि उनकी धमनियों में मौजूद एथेरोस्कोलेरोसिस घटने लगा और वे 60 से 90 प्रतिशत तक सुधार कर सके। सही प्राकृतिक भोजन से नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने इस बात का दावा भी किया कि खानपान में सुधार करने से करीब 70 फीसदी तक बॉडी कर फैट कम हो सकता है। आजकल लोग अपने खान-पान पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसी वजह से इतनी बिमारियों की चपेट में आ रहे हैं।