मोदी की आड़ में अपनी सियासत चमका रहे नेता
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मोदी के आने से पार्टी में और भले कुछ हो न हो लेकिन उनके नाम की हवा ने बरसों से गांव व घर की तरफ न देखने वालों को अचानक गांव-घर की जरूर याद दिला दी है।
बहती गंगा में हर छोटा-बड़ा अपने हाथ धुलकर सांसद बन लेना चाहता है।
इनमें वह भी हैं जो भाजपा की राष्ट्रीय स्तर की टीम में किसी न किसी रूप में जुड़े हैं तो वह भी जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि का अभी तक पता नहीं है।
अभी तक इन्होंने दिल्ली व मुंबई में रहकर पैसा कमाया और अब मोदी के सहारे भाजपा से ‘माननीय’ कहलाना चाहते हैं।
संगठन के बजाय सांसदी की बेताबी
संगठन के लोगों की बात करें तो सिद्धार्थनाथ सिंह दिल्ली में सक्रिय रहते हैं। पर वे फूलपुर से टिकट चाह रहे हैं।
पिछली बार सीतापुर से चुनाव लड़ना चाहते थे। सिद्धार्थनाथ सिंह के पूर्वज सीतापुर के रहने वाले थे। फिर यह लोग इलाहाबाद व फूलपुर इलाके में शिफ्ट हो गए।
श्रीकांत शर्मा दूसरी बार पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी हैं। पर, अब इनका मन भी संगठन के बजाय सांसद बनने को मचलने लगा है। मथुरा से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
हालांकि मथुरा से पार्टी के एक और नेता जो विनिवेश प्रकोष्ठ से जुड़े हैं, वह भी टिकट चाह रहे हैं। वे राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के नजदीकी रिश्तेदार भी हैं।
फतेहपुर सीकरी से भी दावेदार हैं। क्रिकेटर चेतन चौहान को फिर यूपी की याद आ रही है। चौहान पिछली बार दिल्ली से लड़े थे। इस बार वह भी अमरोहा, मुरादाबाद, गौतमबुद्धनगर में किसी सीट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतपाल मलिक भी पूरी तरह दिल्ली में ही सक्रिय हैं। पर, टिकट वह भी मुजफ्फरनगर से चाहते हैं।
होर्डिंगों में सियासी बोल
लखीमपुर खीरी व बहराइच की सीमा पर संजय भल्ला के नाम के होर्डिंग सिर्फ भाजपाइयों का नहीं बल्कि इलाके के तमाम लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
संजय भल्ला के बारे में भाजपाइयों को ही नहीं पता है कि वे कौन हैं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि संजय बहुत पहले भाजपा के राष्ट्रीय आईटी सेल में थे।
भल्ला की इच्छा लखीमपुर खीरी से चुनाव लड़ने की है। प्रतापगढ़ में तीन लोगों के नामों के होर्डिंग चर्चा में हैं। किसी पर दिनेश तिवारी भाजपा के कमल और मोदी के साथ हाथ जोड़े दिखाई देते हैं।
तो किसी पर संगमलाल गुप्त तो कई पर विद्याधर मिश्र प्रतापगढ़ के लोगों की सेवा के वादे के साथ विराजमान हैं। यह सभी मुंबई के बड़ेे कारोबारी बताए जाते हैं।
ये भाजपा में हैं या नहीं, यह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी को भी याद नहीं आ रहा है। पर, सूत्रों के मुताबिक, यह सब पार्टी के कुछ बड़े नेताओं के संपर्क में हैं।
इन सीटों का भी दिलचस्प नजारा
गोंडा व केसरगंज में शेरबहादुर मिश्र के होर्डिंग उनके भाजपा से टिकट के दावेदार होने का संकेत दे रहे हैं। अमरोहा में तरुण राठी के फोटो सहित होर्डिंग लगे हुए हैं।
मुंबई में रहने वाले राठी फिल्म निर्माण क्षेत्र से भी जुड़े बताए जाते हैं। भाजपा में इनकी आधिकारिक एंट्री कब हुई, किसी को नहीं पता। पर अमरोहा से भाजपा का टिकट चाहने वाले दावेदारों में शामिल बताए जाते हैं।
मुजफ्फरनगर में भाजपा के जो नेता दावेदार हैं वह तो हैं ही, एक नया नाम बाबूलाल बलियान होर्डिंगों के जरिये सामने आया है।
बताया जाता है कि सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता पद से रिटायर होने के बाद पूरी तरह नोएडा में शिफ्ट हैं। चाहते हैं कि नौकरी के बाद मोदी के सहारे ‘सांसदी’ का भी मजा ले लिया जाए।