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लोकसभा चुनाव इस बार कई मायने में अलग होने वाला है।
चुनाव प्रचार की बात की जाए, तो इस बार चारपाई पर बैठ कर कोई प्रचार करता हुआ दिख सकता है।
यह भी हो सकता है कि कोई उम्मीदवार घर आए और आपके बच्चे को पेंसिल शार्पनर पकड़ा दे या फिर दांत साफ करने के लिए ब्रश दे दे तो चौंकिएगा मत।
चुनाव आयोग ने इस बार 10-20 नहीं वरन 87 चुनाव चिह्न यानी सिंबल तय किए हैं।
आयोग के एक अधिकारी कहते हैं कि चुनाव निशान तय करते समय यह ध्यान रखा गया है कि इसे देखते ही पहली नजर में समझा जा सके और वह लोगों की दिनचर्या से जुड़ा हो।
छोटी पार्टियों को बाद में मिलते हैं सिंबल
लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय पार्टियों के लिए आयोग ने चुनाव चिह्न तो पहले से तय कर रखा है, लेकिन छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के सिंबल पहले से तय नहीं होते।
चुनावी बेला में हर कोई अपनी किस्मत आजमाना चाहता है। यह भी संभव नहीं है कि सभी को राष्ट्रीय या क्षेत्रीय पार्टियों से टिकट मिल जाए।
कुछ तो पार्टियों में रहते हुए टिकट न मिलने पर बागी होकर निर्दलीय के रूप में मैदान में उतर आते हैं और कुछ स्वयंभू नेता होते हैं जो मैदान में डट जाते हैं।
चुनाव आयोग को ऐसे उम्मीदवारों को अलग से चुनाव चिह्न आवंटित करना होता है। नामांकन दाखिल होने के बाद जिनके पर्चे सही पाए जाते हैं उन्हें चुनाव निशान आवंटित किए जाते हैं।
झाड़ू को कर दिया गया अलग
प्रदेश में दो चरणों के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
चुनाव आयोग ने इस बार कुल 87 चुनाव चिह्न अलग से तय किए हैं। इसमें दैनिक इस्तेमाल में आने वाली वस्तुओं से लेकर संगीत के वाद्ययंत्र तक शामिल हैं।
डीजल पंप, लेडीज पर्स, घरों में लगने वाली एसी और डिश एंटीना को भी चुनाव निशान के रूप में रखा गया है। पिछली बार के चुनाव में आवंटित की जानी वाली झाड़ू को इससे अलग कर दिया गया है।
इसे आम आदमी पार्टी को आवंटित कर दिया गया है। छोटे दल या निर्दल उम्मीदवारों को यह निशान इस बार आवंटित नहीं किया जाएगा।
आयोग पहले और दूसरे चरण वाले जिलों को चुनाव चिह्न का प्रारूप भेजने लगा है ताकि उन्हें इसका आवंटन किया जा सके।
कैसे-कैसे चुनाव निशान
अलमारी, एयरकंडीशन, ऑटो रिक्शा, गुब्बारा, फलों से भरी टोकरी, बल्ला, बल्लेबाज, बैटरी टार्च, बेल्ट, ब्लैक बोर्ड, बोतल, डबलरोटी, ब्रीफकेस, ब्रश, बाल्टी, केक, कैलकुलेटर, कैमरा, मोमबत्ती, कैरम बोर्ड, कार्पेट, गाजर, फूलगोभी, छत का पंखा, शतरंज बोर्ड, चप्पलें, कोट, नारियल, चारपाई, कप और प्लेट, कटिंग प्लायर, दाव, डीजल पंप, डिश एंटिना, डोली, बिजली का खंभा, लिफाफा, बांसुरी, फ्राक, फ्राइंग पैन, कीप, गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, कांच का गिलास, अंगूर, हरी मिर्च, हारमोनियम, टोप, हेलमेट, हॉकी और बॉल, आइसक्रीम, प्रेस, केतली, पतंग, लेडीज पर्स, लेटर बॉक्स, मिक्सी, नेल कटर, गले की टाई, पेन स्टैंड, कलम की पिन, पेंसिल शार्पनर, प्लेट स्टैंड, हांडी, प्रेशर कुकर, रेजर, रेफ्रिजरेटर, अंगूठी, आरी, स्कूल बस्ता, कैंची, सिलाई मशीन, शटल, स्टेथेस्कोप, स्टूल, मेज और खिड़की।