{"_id":"677c3d8f04a2efc6700ac6c4","slug":"insulators-start-burning-in-winter-electricity-starts-failing-lucknow-news-c-13-1-lko1103-1024810-2025-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: सर्दी में दगने लगे इंसुलेटर, गुल होने लगी बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: सर्दी में दगने लगे इंसुलेटर, गुल होने लगी बिजली
Tue, 07 Jan 2025 02:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 07 Jan 2025 02:02 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। घनघोर कोहरा पड़ने से हाईटेंशन लाइनों के इंसुलेटर के दगने लगे हैं। इससे उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो रही है। कोहरे के दौरान दगे इंसुलेटर की पहचान करने के लिए कर्मियों को घंटों भटकना पड़ रहा है।
सोमवार सुबह करीब 7:35 बजे अचानक अहिबरनपुर उपकेंद्र से बागशाह जी फीडर की आपूर्ति ठप हो गई। इससे बांसमंडी, बागशाहजी, मोहन मीकिन रोड सहित आसपास के करीब 2500 घरों की बत्ती गुल हुई तो पानी संकट उत्पन्न हो गया। करीब 55 मिनट के बाद कर्मचारी क्षतिग्रस्त इंसुलेटर खोजकर बदल सके, तब 8:30 बजे बिजली चालू हुई।
सेस खंड दुबग्गा के तहत कबीरनगर उपकेंद्र की 33 केवी लाइन की आपूर्ति सुबह करीब पौने आठ बजे बंद हो गई। क्षतिग्रस्त इंसुलेटर बदलने में करीब डेढ़ घंटे लग गए। तब बिजली चालू हुई। निगोहां उपकेंद्र के दयालपुर फीडर का इंसुलेटर सुबह नौ बजे दग गया। इससे 30 से ज्यादा गांवों की बिजली गायब हो गई। इंजीनियरों ने बताया कि कोहरे में ओस की बूंदें जब इंसुलेटर पर गिरती तो नमी से वे दग जाते हैं। यह इंसुलेटर चीनी मिट्टी के होने के कारण एक बार क्षतिग्रस्त हो जाएं तो वहीं से करंट रुक जाता है।
विज्ञापन
सोमवार सुबह करीब 7:35 बजे अचानक अहिबरनपुर उपकेंद्र से बागशाह जी फीडर की आपूर्ति ठप हो गई। इससे बांसमंडी, बागशाहजी, मोहन मीकिन रोड सहित आसपास के करीब 2500 घरों की बत्ती गुल हुई तो पानी संकट उत्पन्न हो गया। करीब 55 मिनट के बाद कर्मचारी क्षतिग्रस्त इंसुलेटर खोजकर बदल सके, तब 8:30 बजे बिजली चालू हुई।
विज्ञापन
सेस खंड दुबग्गा के तहत कबीरनगर उपकेंद्र की 33 केवी लाइन की आपूर्ति सुबह करीब पौने आठ बजे बंद हो गई। क्षतिग्रस्त इंसुलेटर बदलने में करीब डेढ़ घंटे लग गए। तब बिजली चालू हुई। निगोहां उपकेंद्र के दयालपुर फीडर का इंसुलेटर सुबह नौ बजे दग गया। इससे 30 से ज्यादा गांवों की बिजली गायब हो गई। इंजीनियरों ने बताया कि कोहरे में ओस की बूंदें जब इंसुलेटर पर गिरती तो नमी से वे दग जाते हैं। यह इंसुलेटर चीनी मिट्टी के होने के कारण एक बार क्षतिग्रस्त हो जाएं तो वहीं से करंट रुक जाता है।
विज्ञापन