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जेम पोर्टल पर लंबित भुगतान के त्वरित निस्तारण के निर्देश
Fri, 23 Oct 2020 01:40 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 23 Oct 2020 01:40 AM IST
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प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल
- फोटो : amar ujala
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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. नवनीत सहगल ने जेम पोर्टल पर विभिन्न विभागों के लंबित भुगतान के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने को कहा है। विशेषकर एमएसएमई इकाइयों के भुगतान तुरंत कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा विभागों में खरीद के बाद भुगतान की समयसीमा निर्धारित है, फिर भी कुछ विभाग द्वारा एमएसएमई इकाइयों को विलंब से भुगतान किया जा रहा है।
डा. सहगल ने ये निर्देश निर्यात प्रोत्साहन भवन में जेम की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ विभागों के क्रेताओं द्वारा जेम पोर्टल पर उपलब्ध उत्पाद एवं सेवाओं की खरीद ई-टेण्डर के माध्यम से की जा रही है जबकि मुख्य सचिव के स्पष्ट निर्देश है कि जो उत्पाद व सेवाएं जेम पोर्टल पर उपलब्ध हैं उनकी खरीद अनिवार्य रूप से जेम पोर्टल से ही की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि जेम पोर्टल पर उपलब्ध उत्पाद/सेवा का क्त्रस्य अन्य माध्यम से करने वाले खरीदारों पर विभागाध्यक्ष द्वारा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल पर 2020-21 में अक्तूबर तक कुल 1665 करोड़ रुपये की खरीदारी की गई एवं कुल 60,017 पंजीकृत हो गए हैं। इनमें 15473 एमएसएमई इकाइयां है।
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डा. सहगल ने ये निर्देश निर्यात प्रोत्साहन भवन में जेम की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ विभागों के क्रेताओं द्वारा जेम पोर्टल पर उपलब्ध उत्पाद एवं सेवाओं की खरीद ई-टेण्डर के माध्यम से की जा रही है जबकि मुख्य सचिव के स्पष्ट निर्देश है कि जो उत्पाद व सेवाएं जेम पोर्टल पर उपलब्ध हैं उनकी खरीद अनिवार्य रूप से जेम पोर्टल से ही की जाएगी।
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उन्होंने चेतावनी दी कि जेम पोर्टल पर उपलब्ध उत्पाद/सेवा का क्त्रस्य अन्य माध्यम से करने वाले खरीदारों पर विभागाध्यक्ष द्वारा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल पर 2020-21 में अक्तूबर तक कुल 1665 करोड़ रुपये की खरीदारी की गई एवं कुल 60,017 पंजीकृत हो गए हैं। इनमें 15473 एमएसएमई इकाइयां है।
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