नहीं देखा होगा ऐसा विधायक, आज भी कर रहे खेती!
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माननीय बनने के साथ लोग पुरानी दुनिया को छोड़कर भौतिक सुख सुविधाओं की चकाचौंध में खो जाते हैं। ऐसे माननीयों के लिए बलहा विधायक वंशीधर बौद्ध आइना हैं।
विधायक बनने के बाद भी वंशीधर को खेत में काम करने की न तो झिझक है न ही हल चलाने की। सदन पहुंचने के बावजूद आज भी उनकी दिनचर्या खेत की जोताई से शुरू होती है।
फिर जनता के बीच पहुंचकर उनकी बात सुनते हैं। बलहा विधानसभा क्षेत्र के नई बस्ती टेड़िया में खपड़ैल और फूस के मकान में विधायक वंशीधर बौद्ध का परिवार रहता है।
सोमवार सुबह छह बजे के आसपास जब लोग घरों में सो रहे थे। तब वंशीधर बौद्ध एक जोड़ी बैल के साथ खेत में हल चला रहे थे। मेड़ पर उनका गनर सुनील कुमार सुरक्षा में मौजूद था।
‘माटी की सेवा से पहुंचा हूं सदन’
उन्हें जब पता चला कि अमर उजाला के प्रतिनिधि उनसे मिलने आए हैं तो उनमें न तो हल चलाने की झिझक दिखी, न ही माननीय होने का दंभ।
एक कूंड़ खेत की जोताई पूरा करने के बाद ही वह रुके। बोले, अगर माटी को भूल जाऊंगा तो सपनों का जो मुकाम हासिल हुआ है वो ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। माटी की सेवा से ही सदन पहुंचा हूं। ऐसे में माटी को कैसे भूलूं।
हल थामे हुए विधायक ने बताया कि उनके पास कारीकोट चहलवा में नौ बीघा जमीन है। जबकि घाघरा के कछार में 60 बीघा की खेती है, लेकिन वह खेती अस्थाई है।
किसी तरह घर भर के लिए अनाज पैदा हो जाता है। बोले, ट्रैक्टर है नहीं। शुरू से ही बैलों का सहारा रहा है। उसी से अब भी जोताई कर रहा हूं।