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सिपाही ने प्रेम प्रसंग में की थी महिला होमगार्ड की हत्या

Tue, 22 Dec 2015 02:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 22 Dec 2015 02:10 PM IST
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inspector pradeep arrested in  lucknow homeguard murder case

लखनऊ के विभूति खंड थाने में तैनात रही एक महिला होमगार्ड की हत्या का खुलासा हो गया है। हत्या के आरोप में सिपाही प्रदीप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक ये हत्या प्रेम संबंध में की गई थी। आरोपी मुरादाबाद पुलिसलाइन में तैनात था। पुलिस ने उसे हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया है।

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जानकारी के मुताबिक प्रदीप पहले लखनऊ के गोमतीनगर थाने में तैनात था। उसने महिला होमगार्ड अर्चना से पीछा छुड़ाने के लिए मुरादाबाद ट्रांसफर करा लिया था। होमगार्ड अर्चना की स्कूटी पुलिस ने लखनऊ के चारबाग स्टेशन से बरामद करके उसके भाई के सुपुर्द कर दी है।
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बीते दिनों गढ़मुक्तेश्ववर के सिंभावली इलाके में अर्चना रावत (30) की नृशंस हत्या करके शव कुएं में फेंक दिया गया था। वह लुधियाना में दबिश की बात कहकर घर से निकली थी।
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महिला होमगार्ड घर से निकलने से दो दिन पहले लखनऊ के बहुचर्चित नमन वर्मा हत्याकांड में तहकीकात करने पुलिस टीम के साथ सिंभावली रवाना की गई थी।

सिंभावली क्षेत्र के गांव नयाबांस में किसान इरफान ने गन्ने के खेत के बीच स्थित कुएं में शनिवार को महिला का शव उतराते देखा। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव निकलवाया। कुएं के पास मिली जैकेट से आईडीबीआई बैंक का एटीएम कार्ड व लखनऊ से मुरादाबाद 16 दिसंबर की यात्रा का रेल टिकट व एक हजार रुपये मिले थे।

सात साल पहले हुई थी अर्चना की शादी

inspector pradeep arrested in  lucknow homeguard murder case

जानकारी के मुताबिक अर्चना की शादी सात साल पहले हुई थी। किन्हीं कारणों के चलते उसने पति से नाता तोड़ लिया और विजयीपुर में अपने भाई कमलेश, हरिश्चंद्र व सुरेंद्र के घर में अलग कमरे में रहती थी।

पुलिस टीम ने सोमवार को अर्चना के घर पहुंचकर उसका कमरा खंगाला। कमरे से डायरी व कुछ फोटो कब्जे में लिए थे। पड़ताल में सामने आया कि अर्चना के तीन मोबाइल नंबरों में एक सिमकार्ड फर्जी आईडी से लिया गया था। अर्चना फर्जी आईडी के सिम से अपने दोस्त से बात करती थी।

एसओ विभूति खंड ओमप्रकाश तिवारी के मुताबिकविजयीपुर निवासी हरीश रावत रविवार देर रात अपनी बहन अर्चना का शव लेकर हापुड़ से लौटा। साथ में सिंभावली थाने के एसआई शिवपाल सिंह व टीम थी।

अर्चना के कमरे से तलाशी में मिली डायरी में अर्चना ने अपने दोस्त प्रदीप की पत्नी का नंबर लिखा था। इसमें संदीप नामक व्यक्ति का भी जिक्र था।

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