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40 रुपये की घूस ने छीनी इंस्पेक्टर की कुर्सी, दरोगा-दीवान निलंबित
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40 रुपये की घूसखोरी में मड़ियांव थाने के इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, दरोगा-दीवान निलंबित
मड़ियांव पुलिस की 40 रुपये की घूसखोरी ने सोमवार को लखनऊ पुलिस की फजीहत करा दी। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह को लाइनहाजिर कर घैला चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह चौहान और दीवान योगेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। घूसखोरी की जांच एसपी ट्रांसगोमती अमित कुमार को सौंपी गई है।
एसएसपी ने बताया कि सोमवार सुबह घैला पुल पर वाहन चेकिंग चल रही थी, तभी ट्रैक्टर-ट्राली चालक उधर से गुजरा। पुलिसकर्मियों को देखते ही ट्रैक्टर में बैठे साथी ने जेब से 20-20 रुपये के दो नोट निकालकर चालक को दिए।
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वह रुपये लेकर धीरे-धीरे बढ़ा, जहां एक दीवान ने उसे रोका। इस पर चालक ने उसे नोट थमाए और आगे बढ़ गया। ट्रैक्टर में बैठा एक व्यक्ति मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहा था।
कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर 40 रुपये घूस लेने का वीडियो वायरल हो गया। इसमें रुपये लेने वाले पुलिसकर्मी का चेहरा नहीं दिख रहा है। वर्दी में तीन फीते लगे दिख रहे हैं, जिससे साफ है कि रुपया लेने वाला पुलिसकर्मी दीवान पद का है।
एसएसपी ने बताया कि इंस्पेक्टर को लापरवाही के मामले में हटाया गया है, जबकि चौकी प्रभारी और दीवान को घूस लेने के आरोप में निलंबित किया गया है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों के खिलाफ एफआईआर व अन्य कानूनी कार्रवाई होगी। इस बीच संतोष कुमार सिंह की जगह क्राइम ब्रांच से इंस्पेक्टर विपिन कुमार सिंह को थाने की कमान सौंपी गई है।
ईमानदारी और निष्ठा से काम करने की चेतावनी भी काम न आई
खाकी की घूसखोरी से परेशान एसएसपी ने थानेदारों और शाखा प्रभारियों समेत सभी पुलिसकर्मियों को ईमानदारी और निष्ठा से काम करने की चेतावनी दी थी, इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ। एसएसपी ने कहा कि मड़ियांव में घूस लेने के मामले में इंस्पेक्टर की लापरवाही सामने आई है। अगर वह मातहतों पर लगाम कसे रहते तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता था। उन्होंने भविष्य में इस तरह के प्रकरण सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डेढ़ साल पहले वसूली को लेकर टकरा गए थे दरोगा
वाहनों से वसूली का मामला मड़ियांव में नया नहीं है। डेढ़ साल पहले भी वसूली को लेकर यहां के दरोगा आपस में भिड़ गए थे। दरअसल सीतापुर रोड और आईआईएम रोड पर पुलिस खुलेआम वसूली करती है। इन रूट पर ईंटों व मौरंग की अवैध मंडी में भी वसूली का खेल चलता है। इसे लेकर थाना के पुलिसकर्मियों में भी खींचतान होती है। डेढ़ साल पहले वसूली को लेकर ही थाना के वरिष्ठ उपनिरीक्षक व एक चौकी के प्रभारी के बीच जमकर झगड़ा व हाथापाई हुई थी। चौकी प्रभारी ने वरिष्ठ उपनिरीक्षक के खिलाफ तस्करा भी डाला था। मामले ने तूल पकड़ा तो ईंट व मौरंग की अवैध मंडी हटवा दी गई थी।
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मड़ियांव पुलिस की 40 रुपये की घूसखोरी ने सोमवार को लखनऊ पुलिस की फजीहत करा दी। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह को लाइनहाजिर कर घैला चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह चौहान और दीवान योगेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। घूसखोरी की जांच एसपी ट्रांसगोमती अमित कुमार को सौंपी गई है।
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एसएसपी ने बताया कि सोमवार सुबह घैला पुल पर वाहन चेकिंग चल रही थी, तभी ट्रैक्टर-ट्राली चालक उधर से गुजरा। पुलिसकर्मियों को देखते ही ट्रैक्टर में बैठे साथी ने जेब से 20-20 रुपये के दो नोट निकालकर चालक को दिए।
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वह रुपये लेकर धीरे-धीरे बढ़ा, जहां एक दीवान ने उसे रोका। इस पर चालक ने उसे नोट थमाए और आगे बढ़ गया। ट्रैक्टर में बैठा एक व्यक्ति मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहा था।
कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर 40 रुपये घूस लेने का वीडियो वायरल हो गया। इसमें रुपये लेने वाले पुलिसकर्मी का चेहरा नहीं दिख रहा है। वर्दी में तीन फीते लगे दिख रहे हैं, जिससे साफ है कि रुपया लेने वाला पुलिसकर्मी दीवान पद का है।
एसएसपी ने बताया कि इंस्पेक्टर को लापरवाही के मामले में हटाया गया है, जबकि चौकी प्रभारी और दीवान को घूस लेने के आरोप में निलंबित किया गया है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों के खिलाफ एफआईआर व अन्य कानूनी कार्रवाई होगी। इस बीच संतोष कुमार सिंह की जगह क्राइम ब्रांच से इंस्पेक्टर विपिन कुमार सिंह को थाने की कमान सौंपी गई है।
ईमानदारी और निष्ठा से काम करने की चेतावनी भी काम न आई
खाकी की घूसखोरी से परेशान एसएसपी ने थानेदारों और शाखा प्रभारियों समेत सभी पुलिसकर्मियों को ईमानदारी और निष्ठा से काम करने की चेतावनी दी थी, इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ। एसएसपी ने कहा कि मड़ियांव में घूस लेने के मामले में इंस्पेक्टर की लापरवाही सामने आई है। अगर वह मातहतों पर लगाम कसे रहते तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता था। उन्होंने भविष्य में इस तरह के प्रकरण सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डेढ़ साल पहले वसूली को लेकर टकरा गए थे दरोगा
वाहनों से वसूली का मामला मड़ियांव में नया नहीं है। डेढ़ साल पहले भी वसूली को लेकर यहां के दरोगा आपस में भिड़ गए थे। दरअसल सीतापुर रोड और आईआईएम रोड पर पुलिस खुलेआम वसूली करती है। इन रूट पर ईंटों व मौरंग की अवैध मंडी में भी वसूली का खेल चलता है। इसे लेकर थाना के पुलिसकर्मियों में भी खींचतान होती है। डेढ़ साल पहले वसूली को लेकर ही थाना के वरिष्ठ उपनिरीक्षक व एक चौकी के प्रभारी के बीच जमकर झगड़ा व हाथापाई हुई थी। चौकी प्रभारी ने वरिष्ठ उपनिरीक्षक के खिलाफ तस्करा भी डाला था। मामले ने तूल पकड़ा तो ईंट व मौरंग की अवैध मंडी हटवा दी गई थी।