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Lucknow News: महंगाई ने बदला फर्नीचर का बाजार, पार्टिकल बोर्ड की बढ़ी मांग
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फर्नीचर।
लखनऊ। घर सजाने के लिए फर्नीचर खरीदने वालों की पसंद महंगाई ने बदल दी है। सागवान और शीशम जैसी महंगी लकड़ी के फर्नीचर की मांग कम हुई है। इसके मुकाबले पार्टिकल बोर्ड से बने फर्नीचर की पूछताछ और बिक्री बढ़ी है। इसकी सबसे बड़ी वजह कम कीमत है। ग्राहक अब डिजाइन के साथ बजट भी देख रहे हैं।
राजधानी की अधिकांश फर्नीचर की दुकानों पर सागवान, शीशम आदि कीमती इमारती लकड़ी के बजाय अब पार्टिकल बोर्ड के फर्नीचर ही डिस्प्ले में लगे नजर आते हैं। वजह सागवान और शीशम की लकड़ी महंगी पड़ने के कारण ग्राहक विकल्प तलाश रहे हैं। फर्नीचर कारोबारियों ने बताया कि पार्टिकल बोर्ड की दो दरवाजे वाली अलमारी की सामान्य कीमत करीब 12 से 20 हजार रुपये है, जबकि समान आकार के वाणिज्यिक प्लाई फर्नीचर की लागत करीब 22 से 35 हजार रुपये तक है। शीशम के डबल बेड 30 हजार से 55 हजार रुपये तक के मिल रहे हैं, जबकि पार्टिकल बोर्ड के बेड लगभग आधी कीमत में मिल जाएंगे।
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में महंगे फर्नीचर की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन अब ग्राहक पहले बजट तय कर रहा है और फिर उसी के अनुसार डिजाइन और सामग्री चुन रहा है। कुछ फाइनेंस कंपनियों के माध्यम से भी आसान किस्तों में फर्नीचर खरीदने की सुविधा उपलब्ध है।
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सोफा-कम-बेड का बढ़ा चलन
महंगाई के साथ घरों में जगह की कमी ने भी फर्नीचर का चलन बदला है। सोफा और बेड अलग-अलग खरीदने के बजाय ग्राहक सोफा-कम-बेड को प्राथमिकता दे रहे हैं। दिन में इसे सोफे की तरह और रात में बेड के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। स्टोरेज वाले बेड और छोटे आकार की डाइनिंग टेबल की पूछताछ भी बढ़ी है।
Iशीशम-सागवान की लकड़ी काफी महंगी हो गई है। इसकी जगह पार्टिकल बोर्ड लेता जा रहा है। किचन, वार्डरोब, बेड, सोफे, टेबल और घर के अधिकांश शोकेस में इसी का प्रयोग हो रहा है। दो-तीन महीने से लोगों में महंगे फर्नीचर खरीदने का प्रचलन भी कम हुआ है।I
I- राधेश्याम शर्मा, उपाध्यक्ष, फर्नीचर ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेशI
Iमहंगाई की मार के कारण बहुत आवश्यक होने पर ही लोग अब फर्नीचर खरीदते हैं। कोरोना के बाद से फर्नीचर का कारोबार तेजी से घटा है। शहर में मेरे पहले चार शोरूम थे, अब एक रह गया है। सागवान-शीशम के विकल्प के रूप में लोग प्लाईवुड, पार्टिकल बोर्ड आदि के ही फर्नीचर खरीद रहे हैं। यह बजट में मिल जाते हैं।I
I- धर्मेश गुप्ता, फर्नीचर कारोबारी, फैजाबाद रोडI
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राजधानी की अधिकांश फर्नीचर की दुकानों पर सागवान, शीशम आदि कीमती इमारती लकड़ी के बजाय अब पार्टिकल बोर्ड के फर्नीचर ही डिस्प्ले में लगे नजर आते हैं। वजह सागवान और शीशम की लकड़ी महंगी पड़ने के कारण ग्राहक विकल्प तलाश रहे हैं। फर्नीचर कारोबारियों ने बताया कि पार्टिकल बोर्ड की दो दरवाजे वाली अलमारी की सामान्य कीमत करीब 12 से 20 हजार रुपये है, जबकि समान आकार के वाणिज्यिक प्लाई फर्नीचर की लागत करीब 22 से 35 हजार रुपये तक है। शीशम के डबल बेड 30 हजार से 55 हजार रुपये तक के मिल रहे हैं, जबकि पार्टिकल बोर्ड के बेड लगभग आधी कीमत में मिल जाएंगे।
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व्यापारियों का कहना है कि बाजार में महंगे फर्नीचर की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन अब ग्राहक पहले बजट तय कर रहा है और फिर उसी के अनुसार डिजाइन और सामग्री चुन रहा है। कुछ फाइनेंस कंपनियों के माध्यम से भी आसान किस्तों में फर्नीचर खरीदने की सुविधा उपलब्ध है।
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सोफा-कम-बेड का बढ़ा चलन
महंगाई के साथ घरों में जगह की कमी ने भी फर्नीचर का चलन बदला है। सोफा और बेड अलग-अलग खरीदने के बजाय ग्राहक सोफा-कम-बेड को प्राथमिकता दे रहे हैं। दिन में इसे सोफे की तरह और रात में बेड के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। स्टोरेज वाले बेड और छोटे आकार की डाइनिंग टेबल की पूछताछ भी बढ़ी है।
Iशीशम-सागवान की लकड़ी काफी महंगी हो गई है। इसकी जगह पार्टिकल बोर्ड लेता जा रहा है। किचन, वार्डरोब, बेड, सोफे, टेबल और घर के अधिकांश शोकेस में इसी का प्रयोग हो रहा है। दो-तीन महीने से लोगों में महंगे फर्नीचर खरीदने का प्रचलन भी कम हुआ है।I
I- राधेश्याम शर्मा, उपाध्यक्ष, फर्नीचर ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेशI
Iमहंगाई की मार के कारण बहुत आवश्यक होने पर ही लोग अब फर्नीचर खरीदते हैं। कोरोना के बाद से फर्नीचर का कारोबार तेजी से घटा है। शहर में मेरे पहले चार शोरूम थे, अब एक रह गया है। सागवान-शीशम के विकल्प के रूप में लोग प्लाईवुड, पार्टिकल बोर्ड आदि के ही फर्नीचर खरीद रहे हैं। यह बजट में मिल जाते हैं।I
I- धर्मेश गुप्ता, फर्नीचर कारोबारी, फैजाबाद रोडI