40 जिलों में चलेगा केंद्र का ‘इंद्रधनुष’ अभियान
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बच्चों के टीकाकरण के लिए प्रदेश के 40 जिलों में ‘इंद्र धनुष’ स्वास्थ्य योजना चलाई जाएगी। मार्च से जून तक चलने वाली इस योजना में इन जिलों में सभी बच्चों को सात बीमारियों से बचाने के लिए एक टीका लगाया जाएगा।
इसके अलावा 50 जिलों में 9 से 11 मार्च तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा देंगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को यह जानकारी दी। वह भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
एक सवाल पर नड्डा ने बताया कि प्रदेश के जिन पांच मेडिकल कॉलेजों के लिए धन मांगा गया है, प्रदेश सरकार ने अभी इस बारे में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर ) ही नहीं बनाया है।
प्रदेश सरकार ने बस्ती, बहराइच, फैजाबाद, फीरोजाबाद और शाहजहांपुर जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला किया है। केंद्र इससे सहमत है। जैसे ही डीपीआर मिलेगी, जरूरी धन भेज दिया जाएगा।
यूपी की स्वास्थ्य सेवाएं और सुविधाएं पहले स्थान पर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रदेश सरकार को बधाई दी। कहा, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और सुविधाएं पहले पायदान पर हैं।
उप्र का स्वास्थ्य सूचकांक सुधर जाने का मतलब पूरे देश का स्वास्थ्य सूचकांक सुधर जाना है। उन्होंने कहा, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार को केंद्र से जिस भी सहायता की आवश्यकता होगी, मुहैया कराई जाएगी।
इस तरह चलेगा अभियान
प्रदेश के 50 जिले फाइलेरिया विरोधी अभियान के लिए चुने गए हैं। नौ से 11 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को दवा देगी।
नड्डा ने बताया कि इंद्रधनुष स्वास्थ्य योजना में टीबी, हेपेटाइटिस, इंसेफेलाइटिस, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस और चेचक का एक ही टीका लगेगा। यह टीका केंद्र सरकार की तरफ से प्रदेश को उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वाइन फ्लू से निपटने को पूरी मदद
नड्डा ने बताया कि स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए केंद्र उप्र को हर मदद दे रहा है। जिस प्रकार की सहायता की और जरूरत होगी, दी जाएगी।
इस सवाल पर कि प्रदेश सरकार का कहना है कि उसने स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए केंद्र से एक लाख टैमी फ्लू टेबलेट मांगी थी लेकिन सिर्फ 20 हजार ही दी गई। नड्डा ने कहा, ऐसा नहीं है।
प्रदेश ने जितनी मांगी, उतनी दवा दी गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि किसी भी राज्य से जैसे ही स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए किसी प्रकार की मदद मांगी जाए उसे तत्काल मुहैया कराया जाए।