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अपनी नाकामी का बोझ डाला उपभोक्ताओं पर
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 13 Aug 2013 01:21 AM IST
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अगर उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड अपने कुल बकाए का 10 प्रतिशत भी वसूल कर लेता तो उसे बिजली दरें बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ती।
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बिजली विभाग का करीब 27690 करोड़ रुपये बकाया है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने राजस्व बकाए के जो आंकड़े सरकार को दिए हैं जांच में सही पाए गए।
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खुद पावर कॉर्पोरेशन की वाणिज्य शाखा ने इसकी पुष्टि की है। विद्युत उपभोक्ता परिषद के मुताबिक बिजली कम्पनियों का मार्च 2013 तक कुल 27690 करोड़ रुपये बकाया है।
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इसमें 10 प्रतिशत वसूली पर 2769 करोड़ रुपये बिजली कंपनियों को मिल जाएंगे। लाइन लॉस भी 27 प्रतिशत के आस-पास है।
इसे भी मात्र साढ़े छह प्रतिशत घटाने पर 2365 करोड़ रुपये का लाभ हो सकता है। सरकारी विभागों पर ही 10067 करोड़ रुपये बकाया है। जबकि इस बार बिजली की दरों में जो बढ़ोतरी हुई है उससे मात्र 2410 करोड़ रुपये का ही लाभ बिजली कम्पनियों को मिलेगा।