पान मसाला और मिठाई वालों के यहां आयकर छापे में मिली करोड़ों की नकदी के साथ पांच किलो सोना
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कानपुर और लखनऊ में पान मसाला, मिठाई और रियल एस्टेट कारोबारी व शेयर ट्रेडिंग कंपनी में आयकर विभाग की छापेमारी में अब तक एक करोड़ रुपये नकद, पांच किलो सोना, 15 बैंक लॉकर व 59 प्रॉपर्टी डीड समेत कई दस्तावेज जब्त किए जा चुके हैं।
आयकर विभाग की टीम को चारों कारोबारियों के कई नए ठिकानों के बारे में जानकारी मिली है, जहां टीमें भेजी गई हैं। चारों कारोबारियों ने चार फर्जी कंपनियां बनाकर बोगस लांग टर्म कैपिटल गेन के जरिये करीब 50 करोड़ रुपये की रकम जुटाई, जिसे गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर सात में रीयल एस्टेट के प्रोजेक्ट आरेंज केजल्स में निवेश किया जा रहा था।
प्रधान आयकर निदेशक जांच कुमार अमरेंद्र ने बताया कि अभी तक कानपुर और लखनऊ में 29 ठिकानों पर की गई कार्रवाई में 50 करोड़ की हेराफेरी सामने आई है। शुक्रवार को दिनभर छापेमारी की कार्रवाई जारी रही। चारों कारोबारियों के कुछ नए ठिकाने मिले हैं जहां टीमें सर्च कर रही हैं। टैक्स चोरी के अलावा बेनामी संपत्तियों का भी खुलासा हो सकता है।
उन्होंने बताया कि कानपुर में चार जगहों पर टीम भेजी गई थी। वहां नयागंज व शक्करपट्टी स्थित जय प्रकाश शर्मा की बीआर ट्रेडिंग कंपनी, पार्वती बागला रोड स्थित शर्मा के आवास और एक गोदाम में छापे मारे गए। बाकी ठिकाने लखनऊ के कारोबारियों के हैं।
इनमें के फ्लेवर्स के मदनलाल गुप्ता, छप्पन भोग के रवींद्र गुप्ता व शेयर ट्रेडिंग कंपनी व चारों कारोबारियों की बनाई फर्जी कंपनियों के लिए ब्रोकरेज करने वाली सप्रू मार्ग स्थित फेयर इंटरमीडिएट इनवेस्टमेंट प्राइवेट लि. शामिल हैं। आयकर विभाग की टीम ने इन कारोबारियों व कंपनी के साउथ सिटी, गोमीनगर, बीरबल साहनी मार्ग, विभूतिखंड में शालीमार टाइटेनियम अपार्टमेंट समेत नवल किशोर रोड स्थित कुछ ठिकानों पर कार्रवाई की।
छप्पन भोग में टीम को 50 लाख रुपये नकद मिले, इनमें से 18 लाख रुपये के रिकॉर्ड मौजूद बताए जा रहे हैं। सभी करोबारियों के पास 15 से अधिक लॉकर मिले हैं, जिन्हें सीज कर दिया गया है। के फ्लेवर्स कंपनी के मालिकों के पास से 59 डीड मिली हैं। इनकी छानबीन की जा रही है। यह बेनामी संपत्तियां भी हो सकती हैं।
फर्जी कंपनियों के शेयर बेचकर कमाया मोटा मुनाफा
प्रधान आयकर निदेशक जांच ने बताया कि चारों कारोबारियों ने चार फर्जी कंपनियां बनाई थीं। इन कंपनियों के पास न कोई संपत्ति थी, न ही वह कोई कारोबार करती थीं। चारों ने कंपनियों के शेयरों की ताबड़तोड़ खरीद-फरोख्त कर मार्केट में दाम 50 गुना तक बढ़ा दिए। बाद में फर्जी कंपनियों के शेयर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया। फर्जी कंपनियों से की गई अवैध कमाई को चारों कारोबारियों ने ऑरेंज केजल्स प्रोजेक्ट में निवेश किया था। शेयर ट्रेडिंग के इस खेल में चारों कंपनियों के लिए सप्रू मार्ग स्थित फेयर इंटरमीडिएट इन्वेस्टमेंट कंपनी ने ब्रोकरशिप की थी। विभाग की छापेमारी में पता चला कि उक्त कंपनी भी के फ्लेवर्स के संदीप मित्तल व महेश मित्तल की हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को भी छापेमारी जारी रहेगी।