{"_id":"69ade38b15d2457138021016","slug":"income-tax-department-surveys-three-bombay-pav-bhaji-establishments-lucknow-news-c-13-lko1004-1635426-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: बॉम्बे पावभाजी के तीन प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग का सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: बॉम्बे पावभाजी के तीन प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग का सर्वे
विज्ञापन
सर्वे कर बाहर आती टीम।
लखनऊ। आयकर विभाग ने रविवार को राजधानी के बॉम्बे पावभाजी प्रतिष्ठान के तीन ठिकानों पर सर्वे की कार्रवाई की। यह कार्रवाई डिजिटल बिलिंग सॉफ्टवेयर पेट पूजा के जरिये की जा रही करोड़ों की टैक्स चोरी के इनपुट मिलने के बाद की गई।
आयकर विभाग की हैदराबाद इकाई को हाल ही में पेट पूजा सॉफ्टवेयर मुहैया कराने वाली कंपनी की जांच में 160 टेराबाइट डेटा मिला था। एआई विश्लेषण में खुलासा हुआ कि इस सॉफ्टवेयर के खास फीचर्स का दुरुपयोग कर रेस्टोरेंट्स अपनी वास्तविक बिक्री को कम दिखाकर 70 हजार करोड़ रुपये की कर चोरी कर रहे थे। इसी डेटा के आधार पर विभाग ने देशभर के संदिग्ध आउटलेट्स की सूची तैयार की, जिसमें लखनऊ के बॉम्बे पावभाजी का नाम भी सामने आया।
हजरतगंज और गोमतीनगर के विभूतिखंड स्थित आउटलेट्स पर विभागीय अधिकारियों ने दस्तावेज खंगाले। शुरुआती जांच में करीब 3 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के प्रमाण मिले हैं। सॉफ्टवेयर डेटा का विस्तृत विश्लेषण अभी जारी है। सर्वे से पहले आयकर अधिकारियों ने तीन दिनों तक ग्राहकों की संख्या और दैनिक टर्नओवर का गुप्त रूप से आकलन किया था।
विज्ञापन
आयकर विभाग ने राजधानी के उन सभी रेस्टोरेंट्स और आउटलेट्स की सूची तैयार कर ली है जो इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में शहर के कई अन्य बड़े प्रतिष्ठानों पर भी आयकर विभाग का शिकंजा कस सकता है।
विज्ञापन
आयकर विभाग की हैदराबाद इकाई को हाल ही में पेट पूजा सॉफ्टवेयर मुहैया कराने वाली कंपनी की जांच में 160 टेराबाइट डेटा मिला था। एआई विश्लेषण में खुलासा हुआ कि इस सॉफ्टवेयर के खास फीचर्स का दुरुपयोग कर रेस्टोरेंट्स अपनी वास्तविक बिक्री को कम दिखाकर 70 हजार करोड़ रुपये की कर चोरी कर रहे थे। इसी डेटा के आधार पर विभाग ने देशभर के संदिग्ध आउटलेट्स की सूची तैयार की, जिसमें लखनऊ के बॉम्बे पावभाजी का नाम भी सामने आया।
विज्ञापन
हजरतगंज और गोमतीनगर के विभूतिखंड स्थित आउटलेट्स पर विभागीय अधिकारियों ने दस्तावेज खंगाले। शुरुआती जांच में करीब 3 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के प्रमाण मिले हैं। सॉफ्टवेयर डेटा का विस्तृत विश्लेषण अभी जारी है। सर्वे से पहले आयकर अधिकारियों ने तीन दिनों तक ग्राहकों की संख्या और दैनिक टर्नओवर का गुप्त रूप से आकलन किया था।
विज्ञापन
आयकर विभाग ने राजधानी के उन सभी रेस्टोरेंट्स और आउटलेट्स की सूची तैयार कर ली है जो इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में शहर के कई अन्य बड़े प्रतिष्ठानों पर भी आयकर विभाग का शिकंजा कस सकता है।

सर्वे कर बाहर आती टीम।

सर्वे कर बाहर आती टीम।

सर्वे कर बाहर आती टीम।

सर्वे कर बाहर आती टीम।

सर्वे कर बाहर आती टीम।