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UP : यूपी में चोर दरवाजे से बिजली दरें बढ़वाने की जुगत में हैं बिजली कंपनियां, और भी साजिशें

Sun, 08 Jan 2023 05:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 08 Jan 2023 05:55 AM IST
सार

दरअसल राज्य विद्युत नियामक आयोग बीते तीन वर्षों से उदय योजना में अनुमोदित वितरण लाइन हानियों के आधार पर बिजनेस प्लान व दरों का निर्धारण कर रहा है। 

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In UP, electricity companies are trying to increase electricity rates through Chor Darwaza
demo pic... - फोटो : Istock

विस्तार

बिजली कंपनियां 2023-24 के लिए चोर दरवाजे से बिजली दरें बढ़वाने की जुगत में लगी हैं। दरअसल राज्य विद्युत नियामक आयोग बीते तीन वर्षों से उदय योजना में अनुमोदित वितरण लाइन हानियों के आधार पर बिजनेस प्लान व दरों का निर्धारण कर रहा है। बिजली कंपनियां इस बार वितरण लाइन हानियों के आंकड़े बदलवाने की कोशिश में हैं ताकि ज्यादा लाइन हानियों के आधार पर दरों में वृद्धि कराई जा सके।

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राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 2020-21 में 11.08 प्रतिशत तथा 2022-23 में 10.67 प्रतिशत वितरण हानियों पर बिजली दर का निर्धारण किया था। इस बार पावर कॉर्पोरेशन की कोशिश है कि नियामक आयोग से 2023-24 और 2024-25 के लिए पुनरोत्थान वितरण क्षेत्र सुधार योजना (आरडीएसएस) में प्रस्तावित 13-15 प्रतिशत वितरण हानियां अनुमोदित कराकर उसी के आधार पर दरों का प्रस्ताव दाखिल किया जाए। 
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इसके पीछे मंशा यह है कि ज्यादा दरों पर प्री-पेड स्मार्ट मीटरोंं की खरीद के औचित्य को सही ठहराया जा सके। पेच यह फंसा है कि जब बीते वर्षों में कम लाइन हानियों पर दरें तय हुई हैं तो आगे ज्यादा लाइन हानियों पर प्रस्ताव कैसे दिया जाए? केंद्र के जरिए इसका रास्ता निकालने की कवायद की जा रही है। पिछले महीने लखनऊ आए केंद्रीय ऊर्जा सचिव और पावर कॉर्पोरेशन के आला अधिकारियों की बैठक में इस पर चर्चा भी हुई थी।
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आरडीएसएस में अनुमोदित ज्यादा लाइन हानियों के आधार पर दरें तय कराने की कोशिश
प्रदेश में बिजली कंपनियों का घाटा साल दर साल बढ़ता जा रहा है जबकि बीते तीन साल से बिजली दरों में कोई इजाफा नहीं हुआ है। ऐसे में बिजली कंपनियां ऐसा रास्ता तलाश रही हैं जिससे दरें बढ़वाई जा सकें। 

चूंकि कंपनियों पर उपभोक्ताओं की 25133 करोड़ की देनदारी निकल रही है, इसलिए उदय के बजाय आरडीएसएस में अनुमोदित ज्यादा लाइन हानियों के आधार पर दरें तय कराने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन भी ऊर्जा मंत्रालय से उदय योजना में अनुमोदित वितरण हानियों को बदलवा कर आरडीएसएस में शामिल वितरण हानियों को अनुमोदित कराने के लिए लिखा-पढ़ी करने में जुटा है।

कंपनियों की नाकामी छिपाने के लिए आंकड़े बदलवाने की साजिश
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का आरोप है कि बड़े निजी घरानों को ऊंची दरों पर प्री-पेड स्मार्ट मीटर का टेंडर देने में नाकाम बिजली कंपनियां स्मार्ट मीटर पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए लाइन हानियों के आंकड़े बदलवाकर उपभोक्ताओं पर दरों का बोझ बढ़ाने की साजिश कर रही हैं। प्रचारित किया जा रहा है कि प्री-पेड स्मार्ट मीटर योजना से लाइन हानियों में कमी आएगी जबकि पूर्व में ही कम लाइन हानियों पर दरें तय हो चुकी हैं। 


ऐसे में नियामक आयोग चाहकर भी पावर कॉर्पोरेशन के ज्यादा लाइन हानियों के प्रस्ताव को अनुमोदित नहीं कर सकता। वर्मा ने कहा कि पावर कॉर्पोरेशन चोर दरवाजे से बिजली दरों में बढ़ोतरी का रास्ता साफ करने की तैयारी में है, लेकिन इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।

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