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UP: मानसून रूठा, 39 जिलों में सूखे का खतरा

Sun, 13 Jul 2014 10:30 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 13 Jul 2014 10:30 PM IST
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In UP drought like conditions this year

कमजोर मानसून के चलते बुलंदशहर, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर समेत यूपी के 39 जिलों में सूखे का खतरा मंडरा रहा है।

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इन जिलों में अब तक सामान्य से 51 से 96 फीसदी तक कम बारिश हुई है। किसान बोवाई और रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। जिन्होंने कर भी दी उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं।

मौसम सतर्कता समूह की रिपोर्ट के मुताबिक नौ जुलाई तक सूबे में 176.5 मिमी. बारिश हो जानी चाहिए थी जबकि सिर्फ 52.9 फीसदी ही बारिश हुई है। सूखे की आशंका ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है।

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पूर्वांचल के 13 जिलों में सूखे की मार

In UP drought like conditions this year

पूर्वांचल के 13 और पश्चिमी यूपी व बुंदेलखंड के 26 जिले सूखे की कगार पर खड़े हैं। इन जिलों में इससे निपटने के कारगर उपाय नहीं किए गए तो हालात गंभीर हो सकते हैं।

पूर्वी यूपी में किसान किसी तरीके से पानी की व्यवस्था कर पिछड़ी बोवाई-रोपाई को पटरी पर लाने में जुटे हैं। कृषि वैज्ञानिक भी मान रहे हैं कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में कम बरसात वाले जिलों के किसानों की मुश्किलें और सरकार के सामने चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

गौरतलब है कि बुलंदशहर में सामान्य से सात फीसदी, गाजियाबाद में सामान्य से 52 फीसदी और गौतमबुद्धनगर में सामान्य से 66 फीसदी कम बारिश हुई है।

नहर अधूरी, पैसा कहां गया पता नहीं

In UP drought like conditions this year

बागपत के किसान नेता नरेंद्र सिंह राणा कहते हैं कि 1977 में चौधरी चरण सिंह नहर परियोजना जिले में शुरू हुई थी। आज तक इसका काफी हिस्सा अधूरा पड़ा है।

अक्टूबर 2012 में लखनऊ के जीपीओ पार्क पर धरना दिया तो सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने 4.93 करोड़ रुपये मंजूर किए। पर पैसा कहां गया, पता नहीं चला।

सरकार को किसानों के कर्ज माफ कर शुगर मिलों की तरह ब्याजमुक्त ऋण देने का काम करना चाहिए ताकि किसान इस मुश्किल हालात का सामना कर पाएं।

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30 फीसदी तक रोपाई

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अभी तक मक्का, ज्वार, बाजरा व अरहर की करीब 50 फीसदी बोवाई ही हो पाई है। रोपाई 30 फीसदी से ज्यादा नहीं हो पाई है। लेकिन पश्चिमी यूपी व बुंदेलखंड के हालात खराब हैं।

वहां ऐसे भी जिले हैं जहां अब तक सामान्य से 90 फीसदी कम बारिश हुई है। सरकार को उन जिलों पर तत्काल ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए जहां बरसात अब तक 50 प्रतिशत से भी कम हुई है।
- एके सिंह, वैज्ञानिक, सुल्तानपुर के कृषि विज्ञान केंद्र

इस हफ्ते हो सकती है बारिश

In UP drought like conditions this year

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 12 जुलाई से पूर्वी छोर से मानसून पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इससे प्रदेश के पूर्वी अंचल में 13 जुलाई से हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है तथा शेष हिस्से में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।

15 से 20 जुलाई के बीच मध्य यूपी में भारी तथा प्रदेश के बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। इस तरह इस सप्ताह प्रदेश के हर क्षेत्र में बरसात का अनुमान है।

हम बर्बाद हो रहे, सरकारें सिर्फ बातें कर रहीं

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किसान मौसम की मार से बेहाल हैं। मेरठ जिले के दौलतपुर सरधना निवासी किसान नरेश कुमार बताते हैं कि पिछले सीजन में चीनी मिलें देर से चलीं जिससे गेहूं की फसल खराब हो गई।

गन्ने का भुगतान फंसा हुआ है। किसान कर्ज में डूबे हैं। बरसात न होने से आगे की फसल बर्बादी की कगार पर खड़ी है। लेकिन सरकार केंद्र की हो या प्रदेश की वह बात के सिवा आगे कुछ करती नजर नहीं आ रही है।

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