{"_id":"5e14ea588ebc3e87f62f7266","slug":"in-this-session-phd-in-5-subjects-droped-lucknow-news-lko501864580","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच विषयों में नहीं होंगे पीएचडी आवेदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच विषयों में नहीं होंगे पीएचडी आवेदन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच विषयों में नहीं होंगे पीएचडी आवेदन
लखनऊ विश्वविद्यालय में आज से शुरू हो सकती है आवेदन प्रक्रिया
लखनऊ विश्वविद्यालय में इस साल होने वाली पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में पांच विषय कम करने की तैयारी है। पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के संबंध में जो आदेश जारी किया गया है, उसमें इनवायरमेंटल साइंस-जियोलॉजी, इनवायरमेंटल साइंस बॉटनी, बायोस्टैट, कंप्यूटर साइंस और तमिल विषयों को शामिल नहीं किया गया है। विवि में पीएचडी आवेदन प्रक्रिया बुधवार से शुरू होने की संभावना है।
एलयू में शैक्षिक सत्र 2019-20 में पीएचडी में दाखिले के लिए 478 सीटें तय की गई हैं। विभागाध्यक्षों के साथ हुई पिछली बैठक में कंप्यूटर साइंस विषय की सीट पर कार्यवाहक कुलपति और लूटा अध्यक्ष के बीच सहमति नहीं बनी थी। विवि प्रशासन ने इसके बाद जारी सीट में कंप्यूटर साइंस के साथ ही इनवायरमेंटल साइंस-जियोलॉजी, इनवायरमेंटल साइंस बॉटनी, बायोस्टैट और तमिल विषयों को शामिल नहीं किया था। ऐसे में लूटा इन सीटों को लेकर एक बार फिर से मुखर हो सकती है। पीएचडी के दाखिले प्रवेश परीक्षा तथा साक्षात्कार के आधार पर किए जाएंगे। पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में 70 नंबर प्रवेश परीक्षा तथा 30 नंबर साक्षात्कार के आधार पर दिए जाने हैं। लविवि में पिछले काफी समय से पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया अटकी हुई थी। लविवि प्रवक्ता संजय मेधावी के अनुसार बुधवार को प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
सभी शिक्षकों को मिले पीएचडी कराने का अधिकार
विवि प्रशासन से हुई बातचीत में कई विषयों की सीटों पर स्थिति साफ नहीं की गई थी। अभी विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। इससे पहले ही कुलपति से इस मामले पर बात की जाएगी। सभी शिक्षकों को पीएचडी कराने का अधिकार मिलना चाहिए।
विज्ञापन
- डॉ. विनीत वर्मा, महामंत्री, लूटा
विज्ञापन
लखनऊ विश्वविद्यालय में आज से शुरू हो सकती है आवेदन प्रक्रिया
लखनऊ विश्वविद्यालय में इस साल होने वाली पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में पांच विषय कम करने की तैयारी है। पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के संबंध में जो आदेश जारी किया गया है, उसमें इनवायरमेंटल साइंस-जियोलॉजी, इनवायरमेंटल साइंस बॉटनी, बायोस्टैट, कंप्यूटर साइंस और तमिल विषयों को शामिल नहीं किया गया है। विवि में पीएचडी आवेदन प्रक्रिया बुधवार से शुरू होने की संभावना है।
एलयू में शैक्षिक सत्र 2019-20 में पीएचडी में दाखिले के लिए 478 सीटें तय की गई हैं। विभागाध्यक्षों के साथ हुई पिछली बैठक में कंप्यूटर साइंस विषय की सीट पर कार्यवाहक कुलपति और लूटा अध्यक्ष के बीच सहमति नहीं बनी थी। विवि प्रशासन ने इसके बाद जारी सीट में कंप्यूटर साइंस के साथ ही इनवायरमेंटल साइंस-जियोलॉजी, इनवायरमेंटल साइंस बॉटनी, बायोस्टैट और तमिल विषयों को शामिल नहीं किया था। ऐसे में लूटा इन सीटों को लेकर एक बार फिर से मुखर हो सकती है। पीएचडी के दाखिले प्रवेश परीक्षा तथा साक्षात्कार के आधार पर किए जाएंगे। पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में 70 नंबर प्रवेश परीक्षा तथा 30 नंबर साक्षात्कार के आधार पर दिए जाने हैं। लविवि में पिछले काफी समय से पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया अटकी हुई थी। लविवि प्रवक्ता संजय मेधावी के अनुसार बुधवार को प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
विज्ञापन
सभी शिक्षकों को मिले पीएचडी कराने का अधिकार
विवि प्रशासन से हुई बातचीत में कई विषयों की सीटों पर स्थिति साफ नहीं की गई थी। अभी विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। इससे पहले ही कुलपति से इस मामले पर बात की जाएगी। सभी शिक्षकों को पीएचडी कराने का अधिकार मिलना चाहिए।
विज्ञापन
- डॉ. विनीत वर्मा, महामंत्री, लूटा