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युवक की गोली मार कर हत्या के बाद शव का अंतिम संस्कार करने से परिवारीजनों का इनकार
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लखनऊ। काकोरी में शनिवार रात को अजीत राजपूत (24) की शराब की दुकान के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में परिवारीजनों की तहरीर पर पूर्व प्रधान के भाई समेत चार पर नामजद और अन्य बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोपहर में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिवारीजनों को सुपुर्द कर दिया गया। परिवारीजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पुलिस ने दबाव बनाया तो परिवारीजन व ग्रामीण हंगामा करने लगे। पुलिस देर रात तक मान-मनौव्वल में लगी रही।
काकोरी के मौदा गांव निवासी अजीत राजपूत कूरियर कंपनी में काम करता था। उसकी शनिवार रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके चचेरे भाई अनुराग की तहरीर पर पुलिस ने नरौना गांव पूर्व प्रधान के भाई रामबक्श, आकाश, विकास और अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृृतक की बुआ धर्मा राजपूत के मुताबिक, अजीत शनिवार शाम ड्यूटी के बाद काकोरी मोड़ पहुंचकर चचेरे भाई अनुराग को बाइक लेकर साथ में घर जाने के लिए बुलाया था। चचेरा भाई अनुराग उसे लेने के लिए काकोरी मोड़ गया था। उसको पता चला कि कुछ लोगों ने अजीत को गोली मार दी है।
शराब दुकान के सेल्समैन रवि जायसवाल ने पुलिस को बताया कि अजीत राजपूत अपने साथियों के साथ ठेके के पास लगे मनीष अंडे वाले की दुकान पर अंडा खा रहे थे। तभी किसी बात को लेकर वहीं पर शराब पी रहे कुछ लोगों से कहासुनी हो गई। शराब पी रहे लोगों ने अपने अन्य साथियों को फोन करके बुला लिया और मारपीट होने लगी। अनुराग के अनुसार, सलेमपुर पतौरा के पूर्व प्रधान का भाई राम बख्श गौतम अपने साथियों के साथ अजीत की पिटाई कर रहा था। अजीत अपने को बचाने के लिए सड़क की तरफ भागा तभी रामबक्श ने अजीत को दौड़ाकर गोली मार दी। गोली लगने के बाद वह सड़क पर खून से लथपथ होकर गिर गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टराें ने मृत घोषित कर दिया। अजीत के परिवार में पिता गंगा सागर, मां तारा देवी सहित तीन भाई सुजीत (26), श्याम बाबू (14), आर्यन (9) है ।
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जमीन के विवाद में हुई हत्या
अजीत की बुआ धर्मा राजपूत के मुताबिक, उनकेपरिवार का मेवालाल से कई सालों से जमीन का विवाद चल रहा है। इसे लेकर कई बार मारपीट हो चुकी है। मुकदमा भी दर्ज हुआ। 24 दिसंबर 2019 को घर के बाहर खड़ी अजीत की कार पर पेट्रोल डालकर आग भी लगाई गई थी। इस मामले में गांव के विकास, आकाश, मोनू, दुर्योधन, देवन लाल उर्फ मुन्व्व, पंकज यादव, भूपेंद्र, बाबूलाल और नीरज पर मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप है कि अजीत की हत्या में इन लोगों का हाथ है। वहीं पुलिस के मुताबिक, राम बख्श सहित पांच पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। बुआ धर्मा राजपूत ने बताया की शुक्रवार शाम अजीत को अमौसी स्थिति शराब के ठेके पर विकास , आकाश, पंकज यादव, भूपेंद्र ने जान से मारने की धमकी भी दी थी।
विरोध में अंतिम संस्कार से किया इनकार
अजीत राजपूत की हत्या के विरोध में उसके परिवारीजनों ने शव के अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिवारीजन शव घर लेकर पहुंचे। पुलिस भी मौजूद थी। पुलिस पर कार्यवाही न करने का आरोप लगाते हुए परिवारीजनों ने शव दरवाजे पर रख दिया और अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो कहासुनी होने लगी। काफी देर तक पुलिस व परिवारीजनों के बीच कहासुनी चल रही थी। लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, परिवारीजनों को पट्टे की जमीन, सुरक्षा की मांग कर रहे थे। पुलिस ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। फिलहाल अजीत के शव का अंतिम संस्कार अब सोमवार को होने की उम्मीद है।
जांच की जा रही है
वारदात स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। अंग्रेजी शराब की दुकान पर कैमरा नहीं लगा है। परिवारीजन की तहरीर पर पूर्व प्रधान के भाई समेत पांच के खिलाफ केस दर्ज कर हत्याकांड की कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। वहीं दुकानदार को सीसीटीवी कैमरा लगवाने का निर्देश दिया है। - पूर्णेंदु सिंह, एडीसीपी
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काकोरी के मौदा गांव निवासी अजीत राजपूत कूरियर कंपनी में काम करता था। उसकी शनिवार रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके चचेरे भाई अनुराग की तहरीर पर पुलिस ने नरौना गांव पूर्व प्रधान के भाई रामबक्श, आकाश, विकास और अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृृतक की बुआ धर्मा राजपूत के मुताबिक, अजीत शनिवार शाम ड्यूटी के बाद काकोरी मोड़ पहुंचकर चचेरे भाई अनुराग को बाइक लेकर साथ में घर जाने के लिए बुलाया था। चचेरा भाई अनुराग उसे लेने के लिए काकोरी मोड़ गया था। उसको पता चला कि कुछ लोगों ने अजीत को गोली मार दी है।
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शराब दुकान के सेल्समैन रवि जायसवाल ने पुलिस को बताया कि अजीत राजपूत अपने साथियों के साथ ठेके के पास लगे मनीष अंडे वाले की दुकान पर अंडा खा रहे थे। तभी किसी बात को लेकर वहीं पर शराब पी रहे कुछ लोगों से कहासुनी हो गई। शराब पी रहे लोगों ने अपने अन्य साथियों को फोन करके बुला लिया और मारपीट होने लगी। अनुराग के अनुसार, सलेमपुर पतौरा के पूर्व प्रधान का भाई राम बख्श गौतम अपने साथियों के साथ अजीत की पिटाई कर रहा था। अजीत अपने को बचाने के लिए सड़क की तरफ भागा तभी रामबक्श ने अजीत को दौड़ाकर गोली मार दी। गोली लगने के बाद वह सड़क पर खून से लथपथ होकर गिर गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टराें ने मृत घोषित कर दिया। अजीत के परिवार में पिता गंगा सागर, मां तारा देवी सहित तीन भाई सुजीत (26), श्याम बाबू (14), आर्यन (9) है ।
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जमीन के विवाद में हुई हत्या
अजीत की बुआ धर्मा राजपूत के मुताबिक, उनकेपरिवार का मेवालाल से कई सालों से जमीन का विवाद चल रहा है। इसे लेकर कई बार मारपीट हो चुकी है। मुकदमा भी दर्ज हुआ। 24 दिसंबर 2019 को घर के बाहर खड़ी अजीत की कार पर पेट्रोल डालकर आग भी लगाई गई थी। इस मामले में गांव के विकास, आकाश, मोनू, दुर्योधन, देवन लाल उर्फ मुन्व्व, पंकज यादव, भूपेंद्र, बाबूलाल और नीरज पर मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप है कि अजीत की हत्या में इन लोगों का हाथ है। वहीं पुलिस के मुताबिक, राम बख्श सहित पांच पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। बुआ धर्मा राजपूत ने बताया की शुक्रवार शाम अजीत को अमौसी स्थिति शराब के ठेके पर विकास , आकाश, पंकज यादव, भूपेंद्र ने जान से मारने की धमकी भी दी थी।
विरोध में अंतिम संस्कार से किया इनकार
अजीत राजपूत की हत्या के विरोध में उसके परिवारीजनों ने शव के अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिवारीजन शव घर लेकर पहुंचे। पुलिस भी मौजूद थी। पुलिस पर कार्यवाही न करने का आरोप लगाते हुए परिवारीजनों ने शव दरवाजे पर रख दिया और अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो कहासुनी होने लगी। काफी देर तक पुलिस व परिवारीजनों के बीच कहासुनी चल रही थी। लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, परिवारीजनों को पट्टे की जमीन, सुरक्षा की मांग कर रहे थे। पुलिस ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। फिलहाल अजीत के शव का अंतिम संस्कार अब सोमवार को होने की उम्मीद है।
जांच की जा रही है
वारदात स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। अंग्रेजी शराब की दुकान पर कैमरा नहीं लगा है। परिवारीजन की तहरीर पर पूर्व प्रधान के भाई समेत पांच के खिलाफ केस दर्ज कर हत्याकांड की कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। वहीं दुकानदार को सीसीटीवी कैमरा लगवाने का निर्देश दिया है। - पूर्णेंदु सिंह, एडीसीपी