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अगले महीने से और महंगा आशियाने का सपना
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 04 Jul 2014 08:59 AM IST
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राजधानी में अगले माह से जमीनों की कीमतें और बढ़ेगी। निबंधन विभाग ने एक अगस्त से प्रस्तावित नए डीएम सर्किल रेट के निर्धारण का सत्यापन पूरा कर लिया है।
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इसके बाद तैयार प्रस्तावित सर्किल रेट की दरों को डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति की संस्तुति के लिए आठ जुलाई को प्रस्तुत किए जाने की तैयारी है।
सूत्रों की माने तो प्रस्तावित सर्किल रेट की दरों के लागू होने के बाद शहरी सीमा में शामिल ग्रामीण इलाकों की भू-संपत्तियां 15 से 25 फीसदी तक महंगी हो जाएगी।
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इसके साथ ही शहरी क्षेत्र के अन्य पॉश इलाकों की भू-संपत्तियों के वर्तमान डीएम सर्किल रेट दर को भी 10 से 20 फीसदी तक बढ़ाकर बाजार दर के बराबर लाने की तैयारी है।
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जानकारों के अनुसार अगले वित्त वर्ष 2014-15 में इंटीग्रेटेड टाउनशिप, आवास एवं विकास परिषद की योजनाएं, एलडीए की योजनाओं के अलावा प्रमुख नेशनल हाइवे वाले नगर निगम परिधि की जमीनों के सर्किल रेट 15 से 30 फीसदी तक बढ़ाए जा सकते हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि आठ जुलाई को डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी के समक्ष सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तावित नयी दरों पर चर्चा होगी।
इसके बाद तैयार नए सर्किल रेट की दरों को तय कर 15 जुलाई तक इसे सार्वजनिक कर इस पर दावे व आपत्तियां मांग नयी दरों को ही एक अगस्त जिले में लागू किया जाएगा।
निबंधन विभाग द्वारा सत्यापन कार्य पूरा कराने के दौरान लखनऊ की प्रमुख तीन तहसील सदर, मोहनलालगंज, बख्शी का तालाब के तहसील प्रशासन से भी रिपोर्ट ली गई है।
यहां विकसित की जाने वाली आवास विकास परिषद व इंटीग्रेटेड टाउनशिप, रीयल एस्टेट कंपनियों से की जा रही प्लॉटिंग, नई सड़कों का डामरीकरण, सीसी मार्गों के विवरण का भी अपडेट लिया जा रहा है।
सड़क किनारे की जमीन और सड़क के अंदर तरफ स्थित जमीनों के नए डीएम सर्किल रेट को वहां की वर्तमान बाजार दर के हिसाब से तय किया जा सके।