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इमरान मसूद की कांग्रेस वापसी: इस तरह बदल सकते हैं चुनावी समीकरण, कांग्रेस के प्लान बी को मिलेगी मजबूती
Wed, 04 Oct 2023 10:19 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 04 Oct 2023 10:19 PM IST
सार
इमरान मसूद 1987 में राजनीति में आ गए थे। 2001 में पहला चुनाव नगर पालिका सहारनपुर में चेयरमैन के पद पर लड़ा था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2006 में नगर पालिका के चेयरमैन बने।
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इमरान मसूद
विस्तार
पश्चिम में अल्पसंख्यकों के बीच गहरी पैठ रखने वाले पूर्व विधायक इमरान मसूद एक बार फिर कांग्रेस का हाथ पकड़ने जा रहे हैं। वह सात अक्तूबर को अपने समर्थकों के साथ दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे। विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले इमरान मसूद सपा में आए। उन्हें भरोसा था कि वह खुद के साथ ही अपने सहयोगियों को साइकिल पर सवार करते हुए सियासी मैदान में उतरेंगे, लेकिन निराशा हाथ लगी।
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सपा ने इमरान मसूद को भी टिकट नहीं दिया। चुनाव के बाद वह बसपा में चले गए। बसपा ने उनकी भाभी को मेयर का टिकट दिया, लेकिन हार गईं। पिछले दिनों उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ की तो बसपा ने पार्टी से निष्काषित कर दिया। अब वह फिर से कांग्रेस में घर वापसी कर रहे हैं।
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पूर्व विधायक का कहना है कि पहले से ही कांग्रेस में आस्था थी, अब दोबारा से अपने घर वापसी कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में टिकट के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान के आदेश का पालन करेंगे। सहारनपुर लोकसभा सीट हो या फिर कैराना अथवा बिजनौर जहां से आदेश होगा, वहीं से मैदान में उतरेंगे।
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कांग्रेस में एंट्री से बदलेगा चुनावी समीकरण, होगी कांटे की टक्कर
इमरान मसूद की कांग्रेस में एंट्री के बाद लोकसभा चुनाव का समीकरण भी बदल सकता है। इमरान मसूद की मुस्लिम समाज के वोटरों में काफी अच्छी पकड़ है। कांग्रेस पहले से ही इंडिया गठबंधन में शामिल है। यदि इमरान को लोकसभा चुनाव का टिकट मिलता है तो वह मुस्लिम वोटरों को साधने में कामयाब हो सकते हैं। इमरान मसूद पहले भी तीन बार सहारनपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिल सकी थी, लेकिन हर बार चुनाव हिंदू-मुस्लिम हुआ। ऐसे में भाजपा और गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है, जिसमें जीत-हार का अंतर बेहद कम रह सकता है।
कांग्रेस, सपा, बसपा अब फिर कांग्रेस
इमरान मसूद 1987 में राजनीति में आ गए थे। 2001 में पहला चुनाव नगर पालिका सहारनपुर में चेयरमैन के पद पर लड़ा था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2006 में नगर पालिका के चेयरमैन बने। वह सहारनपुर जिले की मुजफ्फराबाद सीट (अब बेहट सीट) से साल 2007 में निर्दलीय विधायक रहे हैं। इमरान 2013 में कांग्रेस में आ गए थे। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले जनवरी में उन्होंने कांग्रेस को छोड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था। इमरान को यहां पर टिकट नहीं मिला था, जिस पर इमरान ने सपा को अलविदा कहकर बसपा में एंट्री मार दी थी। करीब डेढ़ माह पहले इमरान ने राहुल गांधी की तारीफ कर दी थी। इसके बाद उन्हें बसपा से निष्कासित कर दिया गया था।