फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   important news about samadhan yojna

वाणिज्य कर विभाग ने लागू की समाधान योजना

Sat, 19 Mar 2016 03:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 19 Mar 2016 03:07 PM IST
सार

  • बिल्डरों को देना होगा 1 व 3 प्रतिशत तक वैट।
  • 2012-13 से ही बिल्डरों को करना होगा वैट का भुगतान।
  • बिल्डरों को योजना में शामिल होने के लिए 18 अप्रैल तक करना होगा आवेदन।

विज्ञापन
important news about samadhan yojna
घर खरीदना नहीं होगा आसान - फोटो : demo pic

विस्तार

राज्य सरकार के निर्णय के बाद वाणिज्य कर विभाग ने प्रदेश में बिल्डरों से भी वैट वसूलने संबंधी समाधान योजना शुक्रवार से लागू कर दी है। इसके तहत बिल्डरों द्वारा प्रदेश के बाहर से माल मंगाने पर 3 प्रतिशत वैट वसूला जाएगा।

विज्ञापन


जबकि राज्य के भीतर से माल मंगाने पर 1 प्रतिशत वैट का भुगतान करना होगा। इसका लाभ लेने के लिए बिल्डरों को 18 अप्रैल तक आवेदन करना होगा। योजना लागू होने से प्रदेश में घर खरीदना और निर्माण करना और महंगा हो जाएगा।
विज्ञापन


कर एवं निबंधन विभाग के प्रस्ताव पर पिछले दिनों कैबिनेट ने बिल्डरों से वैट वसूलने का निर्णय लिया था। जिसे वाणिज्यकर विभाग ने शुक्रवार से लागू कर दिया है। चूंकि कैबिनेट के निर्णय के तहत बिल्डरों से वैट की वसूली 2012-13 से होनी है, इसलिए बिल्डरों के लिए समाधान योजना लागू की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिल्डरों को योजना में शामिल होने के लिए 18 अप्रैल तक आवेदन करना होगा। आवेदन नहीं करने पर अगले 60 दिन के भीतर 10 हजार रुपये बिलंब शुल्क के साथ आवेदन कर सकते हैं।

एडिशनल कमिश्नरों को योजना लागू करने के दिए निर्देश

important news about samadhan yojna
अब घर खरीदना नहीं होगा आसान - फोटो : demo pic

प्रमुख सचिव वाणिज्य कर बीरेश कुमार ने इसका आदेश जारी कर दिया है। जिसके आधार पर वाणिज्य कर आयुक्त मुकेश मेश्राम ने सभी जोन के एडिशनल कमिश्नरों को योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं।

प्रमुख प्रावधान
-योजना लागू होने के बाद शुरू होने वाले सभी प्रोजेक्टों के लिए बिल्डरों को समाधान योजना स्वीकार करना अनिवार्य होगा
-एक बार समाधान योजना अपनाने के बाद बिल्डर इसे वापस नहीं ले सकेंगे। अलबत्ता समाधान राशि में बढ़ोतरी होने की दशा में ही इसे वापस लिया जा सकता है।

-एक बार समाधान योजना स्वीकार करने के बाद बिल्डरों को अन्य प्रोजेक्टों के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा।
-समाधान योजना स्वीकार करने वाले व्यापारियों द्वारा दी कोई सूचना गलत मिलने पर उसका आवेदन निरस्त कर आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।
-योजना स्वीकार करने के बाद भी बिल्डरों को ऐसे माल की बिक्री पर देयकर का भुगतान करना होगा, जिसका इस्तेमाल प्रोजेक्ट में नहीं किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed