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वाह यूपी पुलिस! गायब कर दी 'दाऊद' की डायरी

Sat, 12 Oct 2013 10:32 AM IST
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ Updated Sat, 12 Oct 2013 10:32 AM IST
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important diary lost from police station

डी कंपनी के देश-विदेश में फैले नेटवर्क तक पहुंचने के रास्ते धूमिल होते नजर आ रहे हैं।

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दरअसल, हजरतगंज के मालखाना में रखी आतंकी अजीजुद्दीन के पास से मिली वह डायरी ही गायब हो गई है, जिसके जरिए एसटीएफ इंटरनेशनल डॉन दाउद इब्राहिम और छोटा शकील के गुर्गों तक पहुंचना चाहती थी।

डायरी में यूपी और देश के संवेदनशील शहरों से लेकर नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान तक फैले डी कंपनी के गुर्गों के कॉन्टैक्ट नंबर और एड्रेस लिखे थे। चर्चा है कि डायरी गायब करने में डी कंपनी का ही हाथ है।
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कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक कमेटी गठित की थी, बावजूद इसके अभी तक डायरी गायब होने का राज नहीं खुल सका है।

अपनी गर्दन बचाने के लिए अफसरों ने मालखाना के तत्कालीन प्रभारी के खिलाफ अमानत में खयानत की रिपोर्ट जरूर दर्ज करा दी है। मामले की जांच कैंट थाना के प्रभारी कर रहे हैं।

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एसटीएफ ने शाहनजफ रोड स्थित लक्ष्मी गेस्टहाउस के कमरा नंबर 705 से डी कंपनी के लिए काम करने वाले पुणे के बानोवाड़ी निवासी अजीजुद्दीन और नेपाल के कृष्णानगर में रहने वाले अकील अहमद को जून 1999 में एके-47 व अन्य असलहों सहित पकड़ा था।

गिरफ्तारी के वक्त अजीजुद्दीन के पास से एक टेलीफोन डायरी मिली थी। इसमें दाउद इब्राहिम और छोटा शकील के देश-विदेश में फैले नेटवर्क के बारे में जानकारी थी।

सूत्र बताते हैं कि डायरी में लखनऊ, कानपुर, झांसी, गोरखपुर, बरेली, गाजियाबाद सहित अन्य जनपदों के अलावा मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बंगलूरू, दिल्ली, मध्यप्रदेश और पाकिस्तान, बांग्लादेश व नेपाल में सक्रिय डी कंपनी और आईएसआई एजेंटों के नंबर और कोडवर्ड्स थे।


कंपनी के गुर्गे और आईएसआई एजेंट एक-दूसरे को इन्हीं कोडवर्ड्स के माध्यम से जानते थे। यह डायरी टेररिस्ट से बरामद एके-47 से अलग सील की गई थी।


पुलिस सूत्रों ने बताया कि जुलाई 2009 में हजरतगंज थाना की शिफ्टिंग के बाद से यह डायरी गायब है। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि अगर डायरी में दर्ज नंबरों पर काम किया जाता तो काफी हद तक संगठित अपराध कम हो जाता।

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