पुराने नोट खपाने के लिए 430 किलो सोने का अवैध कारोबार
डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) की लखनऊ टीम ने नोएडा में बड़ी कार्रवाई करते हुए 430 किलो सोना यानी करीब 140 करोड़ रुपये के सोने के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। इस सोने को नोटबंदी के बाद 500 व 1000 रुपये के नोटों को खपाने में किया गया।
टीम ने नोएडा स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) स्थित श्रीलाल महल लिमिटेड कंपनी के दिल्ली व नोएडा के ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। कंपनी डायमंड व सोने का व्यापार करती है।
बृहस्पतिवार और शुक्रवार को छानबीन के दौरान अब तक 15 किलो सोने के आभूषण, 80 किलो चांदी की छड़ों के साथ 2.6 करोड़ की नकदी सीज की गई। डीआरआई को 12 लाख रुपये के नए नोट भी मिले हैं।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, कंपनी ने अपनी एक सहयोगी फर्म को आरटीजीएस के जरिये भारी मात्रा में रकम ट्रांसफर की थी। इस रकम का उपयोग भारत सरकार के उपक्रम एमएमटीसी लिमिटेड से भी सोना खरीदने में किया गया। इसके बाद बिना सीमा शुल्क चुकाए एमएमटीसी से खरीदे गए सोने का उपयोग पुराने नोट ठिकाने लगाने में किया गया। डीआरआई अभी इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
पुराने नोट खपाने के लिए सारे नियम ताक पर
डीआरआई के अधिकारियों का कहना है कि नोएडा एसईजेड के नियमों के अनुसार विदेश से मंगाए गए सोने की ज्वेलरी बनाकर उसे निर्यात करना होता है। ऐसे सोने पर सीमा शुल्क नहीं देना पड़ता है।
श्रीलाल महल लिमिटेड कंपनी ने विदेश से मंगाए गए सोने को नियमों को ताक पर रखकर घरेलू बाजार में बेच दिया। यह सीधे तौर पर टैक्स चोरी का मामला था। डीआरआई की टीम कंपनी से जुड़े पांच लोगों से अभी भी पूछताछ कर रही है।
छापेमारी के बाद अस्पताल में भर्ती हो गए निदेशक
डीआरआई की छापेमारी के बाद कंपनी के अधिकांश निदेशक गिरफ्तारी और पूछताछ से बचने के लिए अस्पताल में भर्ती हो गए।
डीआरआई ने कहा कि इस अवैध कारोबार के मामले में निदेशकों से पूछताछ हो सकती है। श्रीलाल महल लिमिटेड कंपनी बासमती चावल के कारोबार में भी है जोकि एक बड़ा ब्रांड है।