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Amethi : अमेठी में चारागाह की जमीन पर बना अवैध मदरसा जमींदोज, अदालत के आदेश पर कार्रवाई, 2.24 लाख का जुर्माना
Tue, 13 Sep 2022 12:02 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी
अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 13 Sep 2022 12:02 AM IST
सार
अमेठी में सोमवार सुबह चरागाह की बेशकीमती जमीन पर बने अवैध मदरसे को ढहा दिया गया। इस दौरान एसडीएम के साथ ही बड़ी संख्या में फोर्स मौजूद रही।
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अवैध मदरसे को ढहाता बुलडोजर।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आखिरकार 25 साल बाद चारागाह की जमीन पर अवैध रूप से बने मदरसे को सोमवार को प्रशासन ने बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। टांडा-बांदा हाईवे के किनारे स्थित गूजरटोला गांव में इस मदरसे का निर्माण 1997 में कराया गया था। इसका संचालन करने वाले मो. हसन पर 2.24 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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राजस्व अभिलेखों में गूजर टोला गांव में गाटा संख्या 111 के पास करीब 10 बिस्वा जमीन चारागाह के रूप में दर्ज है। इसके करीब डेढ़ बिस्वा पर गांव के ही हसन मदरसे का निर्माण कराकर संचालित कर रहे थे। स्थानीय लोगों की शिकायत पर हल्का लेखपाल ने रिपोर्ट तैयार कर इसे 27 जून, 2022 को तहसील प्रशासन को सौंपी थी। 29 जून को मामला तहसीलदार कोर्ट में पंजीकृत हुआ। सुनवाई के बाद तहसीलदार ने एक सितंबर को चारागाह से बेदखली का आदेश जारी कर दो सितंबर को मदरसा संचालक को अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया। जब अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो सोमवार को एसडीएम की अगुवाई में प्रशासन ने 35 मिनट में इसे ढहा दिया।
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बिना मान्यता हो रहा था संचालन
प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नरेंद्र पांडेय ने बताया कि मदरसा बिना मान्यता के ही संचालित हो रहा था। वहीं, संचालक हसन का दावा है कि ग्रामसभा के प्रस्ताव पर इसका निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों ने ही चंदा भी जुटाया था। यहां 150 बच्चे तालीम हासिल करते थे, लेकिन कोरोना के दौरान लॉकडाउन के बाद से ही मदरसे का संचालन बंद चल रहा था।
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पीएसी और पांच थानों की फोर्स रही तैनात
चार कमरों के मदरसे को ढहाने के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच थानों की फोर्स सहित डेढ़ कंपनी पीएसी तैनात रही। कार्रवाई के दौरान एसडीएम गौरीगंज राकेश कुमार, अतिरिक्त एसडीएम सचिन यादव मुंशीगंज भी मौजूद रहे। कार्रवाई सुबह 5.30 बजे शुरू की गई।