फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Illegal mining in Uttar Pradesh.

यूपी में हर साल हो रहा तीन हजार करोड़ रुपये का अवैध खनन

Tue, 13 Sep 2016 02:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 13 Sep 2016 02:07 AM IST
विज्ञापन
Illegal mining in Uttar Pradesh.
अवैध खनन

प्रदेश के कमोबेश सभी हिस्सों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। सोनभद्र में तो एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा वन भूमि पर माफिया काबिज हो चुके हैं। वाराणसी और मिर्जापुर में भी यही हाल है। नोएडा में अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाने वाली आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल को एक अन्य मामले में निलंबित कर दिया गया था।

विज्ञापन


पश्चिमी यूपी में बरेली, मुरादाबाद व मेरठ और अवध क्षेत्र में बहराइच, गोंडा व बलरामपुर समेत तमाम जिले खनन माफिया की गिरफ्त में हैं। जानकारों का कहना है कि प्रदेश में अवैध खनन का सालाना कारोबार तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का है। हर साल करीब 15 करोड़ ट्रक माल अवैध रूप से इधर से उधर किया जाता है।
विज्ञापन


एनजीटी भी सुना चुका कड़ा फैसला
सोनभद्र में करीब एक लाख हेक्टेयर जमीन जंगल से बाहर करने के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इसी साल मई में कड़ा फैसला सुनाया था। एनजीटी ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह जमीन वापस ले और इसके लिए दोषी अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इतना ही नहीं, एनजीटी ने वर्ष 2008 में जेपी ग्रुप को 1083.231 हेक्टेयर वन भूमि देने के तत्कालीन बसपा सरकार के फैसले को भी खारिज कर दिया। इसी तरह मिर्जापुर के कई इलाकों में पत्थरों का अवैध खनन बड़ी समस्या बना हुआ है। वाराणसी के जाल्हूपुर और उससे सटे इलाकों में वरुणा नदी के किनारे की सैकड़ों एकड़ जमीन पर माफिया कब्जा जमा चुके हैं।

रात में शुरू हो जाती है ट्रकों की आवाजाही

Illegal mining in Uttar Pradesh.

बरेली की बहेड़ी तहसील में किच्छा नदी, फरीदपुर में कैलाश नदी और सदर तहसील में रामगंगा नदी पर अवैध खनन बड़े पैमाने पर जारी है। मेरठ में धनैटा के जंगलों में अवैध खनन चलता रहता है।

जाहिर है अधिकारियों और राजनेताओं की मिलीभगत के बिना ऐसा कर पाना मुश्किल है। वर्ष 2013 में नोएडा में यमुना नदी के किनारे अवैध खनन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने वाली तत्कालीन एसडीएम और आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई खूब चर्चा में रही थी। हालांकि, कुछ समय बाद वे प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में चली गईं।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अवैध खनन का सिलसिला अभी थमा नहीं है। ग्रेटर नोएडा के जागनपुर, अफजलपुर, जागनपुर दोआबा, दनकौर, अट्टा गुजरान, गुनपुरा, फलेदा, टेकपुर, शेरगढ़, मेहंदी, घरबारा गांवों में कोई अनजान व्यक्ति मिलते ही खनन माफिया के लोग उसे घेर लेते हैं कि वह अवैध कारोबार की फिल्म बनाने तो नहीं आया है।

यमुना किनारे के इन गांवों से रोजाना रात दस बजे के बाद ट्रक जाना शुरू हो जाते हैं और यह सिलसिला सुबह 8-9 बजे तक बदस्तूर जारी रहता है।

रोक के बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध खनन

Illegal mining in Uttar Pradesh.

कुछ समय पहले सोनभद्र में तैनात खनन सर्वेयर रामनाथ यादव ने लोकायुक्त के समक्ष कहा था कि उसकी तैनाती से पहले जिले में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा था।

अवैध खनन और परिवहन से रोजाना पांच-छह लाख रुपये की वसूली होती थी। खनन निदेशक की ओर से लोकायुक्त को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा समय में प्रदेश के कुल 155 पट्टाधारकों में से 48 को अप्रैल 2014 में खनन बंद करने को कहा गया था, पर किसी ने ऐसा नहीं किया।

लोकायुक्त के सामने आए अवैध खनन के मामले
बुंदेलखंड की चंबल, नर्मदा, यमुना और टोंस नदियों में विभिन्न स्थानों पर भारी अवैध खनन हो रहा है।

21 जिलों में हुआ 1400 करोड़ रुपये का अवैध खनन

Illegal mining in Uttar Pradesh.

दिसंबर-2012 में सौंपी गई कैग की रिपोर्ट के अनुसार, मिर्जापुर, सोनभद्र, वाराणसी, ललितपुर,  बुंदेलखंड समेत 21 जिलों में अवैध खनन से सात वर्षों में सरकार को 1400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

ग्रेटर नोएडा में हिंडन और यमुना नदी से रोजाना 300 डंपर रेत अवैध रूप से निकाला जाता है।

फैजाबाद के गुप्तारघाट के निकट बने बांध को अवैध खनन के कारण खतरा पैदा हो गया है।

हमीरपुर जिले के सरीला तहसील के विरहट इस्लामपुर गांव की तलहटी से बेतवा नदी पर भारी अवैध खनन हुआ।

जालौन-हमीरपुर में 1600 एकड़ के 17 पट्टे एक ही परिवार के सदस्यों के नाम होने की जानकारी सामने आई।

सोनभद्र में खनन वाहनों से हर महीने 12 करोड़ रुपये की वसूली।

गौतमबुद्धनगर में अवैध खनन के चलते यमुना नदी 500 मीटर नोएडा की तरफ खिसकी। प्रतिदिन 60-70 लाख रुपये का बालू अवैध रूप से निकाला जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed