एक पैसे में शुद्ध होगा एक लीटर पानी, फिल्टर बदलने का भी झंझट नहीं
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) ने एक ऐसी वाटर प्यूरीफायर मशीन तैयार की है जो आरओ के मुकाबले बेहद किफायती है। इस मशीन को ‘ओ नीर’ नाम दिया गया है। सौर ऊर्जा से चलने वाली इस मशीन से एक लीटर पानी को प्यूरीफाई करने पर महज एक पैसे का खर्च आएगा।
यही नहीं इसमें आम वाटर प्यूरीफायर की तरह फिल्टर नहीं बदलना होगा। जहां बिजली की समस्या है उन इलाकों में भी लोगों को इससे स्वच्छ पेयजल मिल सकेगा। आईआईटीआर के निदेशक डॉ. आलोक धवन कहते हैं, बाजार की मांग और आम आदमी की जरूरत को समझते हुए यह मशीन हमारे वैज्ञानिकों ने तैयार की है।
अभी तक जो मशीने हैं उनमें बार-बार फिल्टर बदलने की जरूरत पड़ती है। इससे खर्च बढ़ता है। पर, ‘ओ नीर’ हमारी पहले की तकनीक बैक्ट-ओ-किल का आधुनिक रूप है। यह मशीन ऑक्सीडेशन प्रॉसेस पर काम करती है। इससे प्रोटोजोआ, बैक्टीरिया, फंगस, वायरस, कम मात्रा में आर्सेनिक, फ्लोराइड जैसी अशुद्धियां भी दूर हो सकती हैं।
आर्सेनिक की मात्रा ज्यादा होने पर एक डिवाइस अलग से लगानी होगी। धूप खत्म होने के बाद भी शुद्ध पानी मिले इसके लिए इसमें एक बैटरी भी लगाई गई है।
10 लीटर पानी 5 मिनट में शुद्ध
8-10 लीटर पानी को प्यूरीफाई करने में केवल पांच मिनट का समय लगता है। बैटरी चार्ज होने के बाद करीब 30 लीटर पानी प्यूरीफाई किया जा सकता है।
किसको होगा इससे फायदा?
डॉ. धवन का कहना है कि इस मशीन को ग्रामीण इलाकों, स्ट्रीट फूड, कम आय वर्ग के परिवारों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यानी इससे एक बहुत बड़े वर्ग को फायदा पहुंचेगा। वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे सस्ता पानी शुद्ध करने की तकनीक अभी तक देश में मौजूद नहीं है।
3500 रुपये कीमत
करीब 3500 रुपये कीमत वाली इस मशीन को खरीदने के बाद कोई खर्च नहीं करना होगा। सोलर पैनल की लाइफ करीब 20-25 साल होती है।
‘ओ नीर’ की बड़ी मशीनें भी आईआईटीआर विकसित करेगा। केजीएमयू के हॉस्टल और किचन में ये बड़ी मशीनें लगाई जाएंगी। इसके लिए एमओयू भी साइन हो चुका है।