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पिता करते हैं ग्रिल व शटर का काम, बेटे को 1.2 करोड़ का पैकेज

Sun, 31 Jan 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 31 Jan 2016 11:52 PM IST
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IIT student got package of more than one crore.

माइक्रोसॉफ्ट रेडमंड, वाशिंगटन ने आईआईटी खड़गपुर में बीटेक कम्प्यूटर साइंस अंतिम वर्ष के छात्र वात्सल्य सिंह चौहान को सालाना 1.20 करोड़ रुपये के सैलरी पैकेज का ऑफर दिया है।

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आईआईटी में हुए कैंपस प्लेसमेंट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर उसे यह सबसे बड़ा पैकेज मिला।

बिहार के खगड़िया में सामान्य परिवार के छात्र वात्सल्य ने हिंदी माध्यम से 12वीं तक पढ़ाई की। 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक मिले। पहले प्रयास में जेईई में अच्छी रैंक नहीं मिली तो ठान लिया कि आईआईटी में पहुंचकर आगे का रास्ता तय करूंगा।
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वात्सल्य को पढ़ना पसंद है, रिसर्च में रुचि है, इसलिए अवसर मिला तो असाधारण क्षमता को साबित कर दिखाया।

जून 2016 में जॉइन करेगा कंपनी

IIT student got package of more than one crore.

उसने एलेन कॅरिअर इंस्टीट्यूट में आकर एक साल पूरी मेहनत से निशुल्क कोचिंग ली। आईआईटी-जेईई, 2012 में ऑल इंडिया रैंक-382 पाकर आईआईटी खड़गपुर में बीटेक कम्प्यूटर साइंस में दाखिला लिया। जून, 2016 में बीटेक पूरी करके वह कंपनी जॉइन करेगा।

अमेरिका की प्रमुख माइक्रोसॉफ्ट रेडमंड कंपनी ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए आईआईटी में ग्रेजुएट छात्रों का ऑनलाइन टेस्ट लिया। फिर लिखित टेस्ट और इंटरव्यू के बाद वात्सल्य को 1.20 करोड़ की सालाना सैलरी पर जॉब ऑफर किया है।

21 वर्षीय वात्सल्य के पिता चंद्रकांत सिंह खगड़िया में ग्रिल व शटर बनाने का काम करते हैं। परिवार में तीन भाई व तीन बहन हैं। पिता के संघर्ष और वात्सल्य की प्रतिभा देख एलेन निदेशक राजेश माहेश्वरी ने कोटा में निशुल्क क्लासरूम कोचिंग और हॉस्टल सुविधा देकर उसका हौसला बढ़ाया।

बीमारी के बावजूद सफल रहा

IIT student got package of more than one crore.

आईआईटी-जेईई से चार दिन पहले अचानक उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। तेज गर्मी में सिर धोकर वह पेपर देने पहुंचा। पेपर-1 आसान था लेकिन बीमारी के चलते थोड़ा खराब हो गया। फिर से हिम्मत जुटाई और पेपर-2 कठिन होते हुए भी उसमें ज्यादा स्कोर किया।

इससे पहले वह एआई ईईई में बिहार और झारखंड में स्टेट टॉपर रहा। भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) और आईआईएसई में भी उसने क्वालिफाई किया था लेकिन बीटेक के लिए आईआईटी को चुना।

गरीब छात्रों को पढ़ाने का जुनून
वात्सल्य ने बताया कि छुट्टियों में घर जाकर गरीब बच्चों को पढ़ाना उसे अच्छा लगता है। आईआईटी कैंपस में भी वह ऑटो चालकों के कुछ बच्चों को पढ़ाता है। वह चार आईआईटियन के साथ मिलकर बिहार में एक मॉडल स्कूल खोलने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।

इसमें आईआईटी छात्र छुट्टियों में चार माह तक बच्चों को पढ़ाएंगे। सामान्य बच्चों से कम फीस लेकर और गरीबों को निशुल्क पढ़ाने की योजना है। वह बिहार के नक्सल क्षेत्रों में नई पीढ़ी को शिक्षित करना चाहता है।

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