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हंसी-हंसी में एड्स के प्रति जागरूकता
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Fri, 22 Nov 2013 09:32 AM IST
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फेयर इंडेक्स के अंतर्गत गुरुवार को एड्स जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक
प्रतियोगिता ‘जागृति’ का आयोजन किया गया।
यूपीसैक के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों ने इस बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया।
स्टूडेंट्स ने इस बीमारी और उससे जुड़े तथ्यों को हंसी-हंसी में इस तरह कहा कि कभी दर्शक हंसे तो कभी भावुक हो गए। प्रतियोगिता का फाइनल राउंड 23 नवंबर को आयोजित होगा।
उधर, संगीत नाटक अकादमी में चल रहे लोकोत्सव में गुरुवार शाम भोजपुरी की बयार बही। लोक उत्सव के अंतिम दिन लोक गवनई के बीच गायकों ने भोजपुरी गानों से धूम मचाई।
शुरुआत ऋचा जोशी ने देवी गीत ‘निमिया की डारी मइया...’ से की। समूह में गाए ‘जुग जुग जिये तू ललनवा..., कजरी झूला पड़ गइल.., नकटा काले भंवरे.., कलि कटकाई समेत तमाम गाने गूंजे।
यूपीसैक के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों ने इस बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया।
स्टूडेंट्स ने इस बीमारी और उससे जुड़े तथ्यों को हंसी-हंसी में इस तरह कहा कि कभी दर्शक हंसे तो कभी भावुक हो गए। प्रतियोगिता का फाइनल राउंड 23 नवंबर को आयोजित होगा।
उधर, संगीत नाटक अकादमी में चल रहे लोकोत्सव में गुरुवार शाम भोजपुरी की बयार बही। लोक उत्सव के अंतिम दिन लोक गवनई के बीच गायकों ने भोजपुरी गानों से धूम मचाई।
शुरुआत ऋचा जोशी ने देवी गीत ‘निमिया की डारी मइया...’ से की। समूह में गाए ‘जुग जुग जिये तू ललनवा..., कजरी झूला पड़ गइल.., नकटा काले भंवरे.., कलि कटकाई समेत तमाम गाने गूंजे।