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Lucknow News: 24 घंटे में साइबर ठगी की शिकायत की तो रकम वापसी संभव
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24 घंटे में साइबर ठगी की शिकायत की तो रकम वापसी संभव
लखनऊ। अगर आप साइबर ठगों का शिकार हो गए हैं और अपनी जमा पूंजी गंवा दी है, तो घबराएं नहीं। साइबर क्राइम थाने में 24 घंटे के भीतर की गई शिकायत पर आपकी ठगी गई रकम का 80 प्रतिशत तक वापस मिलना संभव है। ऐसे मामलों में पीड़ित चाहें तो www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक खाता फ्रीज कर दिया जाता है, जिससे ठग रकम निकाल नहीं पाते।
साइबर क्राइम थाने के प्रभारी ब्रजेश यादव के अनुसार, पहले ठग एटीएम से पैसा निकालते थे, पर अब बिजनेस अकाउंट किराये पर लेकर रकम निकालते हैं। खाताधारकों के लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था की जाती है और बाद में रकम चेक से कई खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है। ऐसे में वक्त रहते शिकायत न हो तो रकम वापस लाना मुश्किल हो जाता है।
हेल्पलाइन 1930 पर कॉल से बेहतर है ऑनलाइन शिकायत
हालांकि सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है, लेकिन कई पीड़ितों की शिकायत है कि कॉल जल्दी नहीं लगती है और कई बार संपर्क नहीं हो पाता। ऐसे में ऑनलाइन पोर्टल से शिकायत करना ज्यादा प्रभावी उपाय है।
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महज एक महीने में 11 पीड़ितों को दिलाई गई 82.36 लाख की रकम
साइबर थाना लखनऊ की टीम ने अप्रैल माह में 11 पीड़ितों की 82.36 लाख रुपये की ठगी की रकम वापस दिलाई। सभी पीड़ितों ने समय पर शिकायत दर्ज की थी, जिससे पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुंबई, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ स्थित ठगों के बैंक खाते फ्रीज करा दिए।
ठगी से बचाव के 10 तरीके:
1. वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) या बैंक डिटेल किसी से साझा न करें। बैंक, पुलिस या कोई भी संस्था फोन पर ओटीपी, कार्ड नंबर, पिन या सीवीवी नहीं मांगती।
2. अनजान लिंक या वेबसाइट पर क्लिक न करें। ईमेल, एसएमएस या सोशल मीडिया पर आए लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लें।
3. फर्जी कॉल से सतर्क रहें। कोई कॉलर यदि खुद को बैंक, कस्टम या पुलिस अफसर बताकर डराने की कोशिश करे, तो तुरंत कॉल काटें और पुलिस को सूचना दें।
4. सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें। मोबाइल नंबर, आधार, पते या बैंक संबंधित ब्यौरा कभी भी पब्लिकली पोस्ट न करें।
5. पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते वक्त सावधानी बरतें। बैंकिंग या पेमेंट जैसे कार्य पब्लिक नेटवर्क पर न करें।
6. फर्जी एप्स डाउनलोड न करें। केवल आधिकारिक एप स्टोर से ही डाउनलोड करें।
7. फोन या कंप्यूटर में एंटीवायरस रखें और अपडेट करें। साइबर सुरक्षा के लिए डिवाइस में एंटीवायरस रखना जरूरी है।
8. बैंक स्टेटमेंट और एसएमएस अलर्ट नियमित जांचें। अनजान ट्रांजेक्शन तुरंत पकड़ में आ सकते हैं।
9. बिना पढ़े किसी को स्कैन कोड न करें या पैसे न भेजें। ठग अक्सर फर्जी क्यूआर कोड भेजकर पैसे मंगवाते हैं।
10. साइबर क्राइम होने पर 24 घंटे के भीतर शिकायत करें। www.cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत सूचना दें।
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साइबर क्राइम थाने के प्रभारी ब्रजेश यादव के अनुसार, पहले ठग एटीएम से पैसा निकालते थे, पर अब बिजनेस अकाउंट किराये पर लेकर रकम निकालते हैं। खाताधारकों के लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था की जाती है और बाद में रकम चेक से कई खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है। ऐसे में वक्त रहते शिकायत न हो तो रकम वापस लाना मुश्किल हो जाता है।
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हेल्पलाइन 1930 पर कॉल से बेहतर है ऑनलाइन शिकायत
हालांकि सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है, लेकिन कई पीड़ितों की शिकायत है कि कॉल जल्दी नहीं लगती है और कई बार संपर्क नहीं हो पाता। ऐसे में ऑनलाइन पोर्टल से शिकायत करना ज्यादा प्रभावी उपाय है।
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महज एक महीने में 11 पीड़ितों को दिलाई गई 82.36 लाख की रकम
साइबर थाना लखनऊ की टीम ने अप्रैल माह में 11 पीड़ितों की 82.36 लाख रुपये की ठगी की रकम वापस दिलाई। सभी पीड़ितों ने समय पर शिकायत दर्ज की थी, जिससे पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुंबई, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ स्थित ठगों के बैंक खाते फ्रीज करा दिए।
ठगी से बचाव के 10 तरीके:
1. वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) या बैंक डिटेल किसी से साझा न करें। बैंक, पुलिस या कोई भी संस्था फोन पर ओटीपी, कार्ड नंबर, पिन या सीवीवी नहीं मांगती।
2. अनजान लिंक या वेबसाइट पर क्लिक न करें। ईमेल, एसएमएस या सोशल मीडिया पर आए लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लें।
3. फर्जी कॉल से सतर्क रहें। कोई कॉलर यदि खुद को बैंक, कस्टम या पुलिस अफसर बताकर डराने की कोशिश करे, तो तुरंत कॉल काटें और पुलिस को सूचना दें।
4. सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें। मोबाइल नंबर, आधार, पते या बैंक संबंधित ब्यौरा कभी भी पब्लिकली पोस्ट न करें।
5. पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते वक्त सावधानी बरतें। बैंकिंग या पेमेंट जैसे कार्य पब्लिक नेटवर्क पर न करें।
6. फर्जी एप्स डाउनलोड न करें। केवल आधिकारिक एप स्टोर से ही डाउनलोड करें।
7. फोन या कंप्यूटर में एंटीवायरस रखें और अपडेट करें। साइबर सुरक्षा के लिए डिवाइस में एंटीवायरस रखना जरूरी है।
8. बैंक स्टेटमेंट और एसएमएस अलर्ट नियमित जांचें। अनजान ट्रांजेक्शन तुरंत पकड़ में आ सकते हैं।
9. बिना पढ़े किसी को स्कैन कोड न करें या पैसे न भेजें। ठग अक्सर फर्जी क्यूआर कोड भेजकर पैसे मंगवाते हैं।
10. साइबर क्राइम होने पर 24 घंटे के भीतर शिकायत करें। www.cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत सूचना दें।