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अनुसंधान का फायदा मिले तो तीन गुना बढ़ा सकते है कृषि उत्पादन : सीएम
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लखनऊ। प्रदेश के सभी अन्नदाता किसानों को शोध और अनुसंधान का पूरा फायदा मिले तो हम उत्तर प्रदेश में उत्पादन को तीन गुना तक बढ़ा सकते हैं। अभी सिर्फ प्रदेश के 20 से 30 प्रतिशत किसानों तक ही कृषि अनुसंधान का लाभ मिल पा रहा है। साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ये बातें प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी के भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के 36वें स्थापना दिवस के माैके पर कही।
कार्यक्रम में प्रदेश के कृषिमंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भर बन रहा है। सरकार ने त्वरित मक्के की खेती की शुरुआत की है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र, लखीमपुर खीरी में हुए गन्ने की नई किस्मों के प्रदर्शन की सराहना की। सीएम ने संस्थान की राजभाषा पत्रिका 'इक्षु' (वर्ष 13 अंक 2) का विमोचन भी किया।
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संस्थान के निदेशक डॉ दिनेश सिंह और उप्र कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ संजय सिंह ने संगोष्ठी में अपनी बात रखी। आरएलबीसीएयू झॉसी के कुलपति डॉ. ए. के. सिंह ने 'बुदेलखंड में कृषि की संभावनाएं विषय पर चर्चा की। प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, एफपीओ. की भूमिका आदि पर चर्चा हुई।
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कार्यक्रम में कृषि शिक्षा व अनुसंधान के प्रमुख सचिव, प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, निदेशक शोध व प्रसार, उ.प्र. के कृषि विज्ञान केंद्रों के अध्यक्ष, वैज्ञानिक, एफपीओ के प्रतिनिधि के अलावा बड़ी संख्या में किसान व विद्यार्थी माैजूद रहे।