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जन्माष्टमी पर बिजली गुल होने के मामले में आज रिपोर्ट न मिली तो कार्रवाई
Sun, 23 Aug 2020 11:00 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 23 Aug 2020 11:00 AM IST
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Electricity
- फोटो : पेक्सेल्स
जन्माष्टमी पर प्रदेश में बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली गुल होने के मामले की जांच रिपोर्ट न मिलने पर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों की चेतावनी दी है कि 23 अगस्त तक रिपोर्ट न दाखिल करने पर उनके खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि नियामक आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन व बिजली कंपनियों को नोटिस भेजकर 13 अगस्त तक जबाब मांगा था। इस पर बिजली कंपनियों ने आयोग को पत्र भेजकर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए थोड़ा और वक्त मांगा।
आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह, सदस्य केके शर्मा व विनोद कुमार श्रीवास्तव की पूर्ण पीठ ने स्वत: संज्ञान निर्णय लेते हुए बिजली कंपनियों को 23 अगस्त तक जांच रिपोर्ट आयोग में दाखिल करने का निर्देश दिया।
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उन्होंने कहा था कि रिपोर्ट नहीं दाखिल करने पर बिजली कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश में विद्युत वितरण संहिता के प्रावधानों व स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस के उल्लंघन का भी उल्लेख किया गया है। शनिवार को शक्ति भवन में पूरे दिन जांच रिपोर्ट तैयार कराने को लेकर गहमागहमी रही।
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गौरतलब है कि नियामक आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन व बिजली कंपनियों को नोटिस भेजकर 13 अगस्त तक जबाब मांगा था। इस पर बिजली कंपनियों ने आयोग को पत्र भेजकर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए थोड़ा और वक्त मांगा।
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आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह, सदस्य केके शर्मा व विनोद कुमार श्रीवास्तव की पूर्ण पीठ ने स्वत: संज्ञान निर्णय लेते हुए बिजली कंपनियों को 23 अगस्त तक जांच रिपोर्ट आयोग में दाखिल करने का निर्देश दिया।
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उन्होंने कहा था कि रिपोर्ट नहीं दाखिल करने पर बिजली कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश में विद्युत वितरण संहिता के प्रावधानों व स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस के उल्लंघन का भी उल्लेख किया गया है। शनिवार को शक्ति भवन में पूरे दिन जांच रिपोर्ट तैयार कराने को लेकर गहमागहमी रही।
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उधर, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर मामले में आयोग में दाखिल परिषद की जनहित प्रत्यावेदन पर कार्रवाई होना तय है। मीटर में भार जंपिंग की जांच रिपोर्ट दबाने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। नियमानुसार कोई भी सॉफ्टवेयर लॉन्च करने से पहले उपभोक्ताओं की सहमति ली जानी चाहिए, लेकिन बगैर इसके मीटर लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।