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Lucknow News: ट्रॉमा सेंटर में आग लगी तो धुएं में भी दिखेगा रास्ता
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लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की स्थिति में बचाव की व्यवस्था और दुरुस्त की जा रही है। अब आग लगी और धुआं भरा तो भी लोगों को रास्ता नजर आएगा। इसके लिए संस्थान में फायर एग्जिट लाइटें लगाई जा रही हैं।
ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि किसी भी भवन में आग लगने पर धुंआ भरने से रास्ते नजर नहीं आते हैं। यही वजह है कि आग से झुलसने के बजाय ज्यादा पीड़ित धुएं की वजह से दम घुटने वाले होते हैं। इसे देखते हुए फायर एग्जिट लाइटों की व्यवस्था की जाती है।
आग लगने के बावजूद हरे रंग की ये लाइटें रास्ता दिखाती रहती हैं। ट्रॉमा सेंटर में इन्हें लगवाया जा रहा है। ट्रॉमा सेंटर का रैंप पहले ही बनाया जा चुका है, जिससे ऊपरी मंजिल से भी निकलना संभव है। अन्य व्यवस्थाएं भी दुरुस्त की जा रही हैं।
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ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि किसी भी भवन में आग लगने पर धुंआ भरने से रास्ते नजर नहीं आते हैं। यही वजह है कि आग से झुलसने के बजाय ज्यादा पीड़ित धुएं की वजह से दम घुटने वाले होते हैं। इसे देखते हुए फायर एग्जिट लाइटों की व्यवस्था की जाती है।
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आग लगने के बावजूद हरे रंग की ये लाइटें रास्ता दिखाती रहती हैं। ट्रॉमा सेंटर में इन्हें लगवाया जा रहा है। ट्रॉमा सेंटर का रैंप पहले ही बनाया जा चुका है, जिससे ऊपरी मंजिल से भी निकलना संभव है। अन्य व्यवस्थाएं भी दुरुस्त की जा रही हैं।
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