फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   If the children selected under RTE are not given admission then an FIR will be lodged

Lucknow News: आरटीई के तहत चयनित बच्चों को अब प्रवेश नहीं दिया तो होगी एफआईआर

Wed, 21 May 2025 02:34 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 21 May 2025 02:34 AM IST
विज्ञापन
If the children selected under RTE are not given admission then an FIR will be lodged
लखनऊ। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चयनित बच्चों को निशुल्क दाखिला न देने वाले निजी स्कूलों की मनमानी अब नहीं चलेगी। आरटीई एक्ट के उल्लंघन में इन पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही स्कूलों के नाम संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक (जेडी) को भेजे जाएंगे, ताकि इनका एनओसी रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू हो सके।
विज्ञापन

ये चेतावनी मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय में एडीएम सप्लाई ज्योति गौतम की अध्यक्षता की हुई बैठक में निजी स्कूल प्रबंधकों व उनके प्रधानाचार्यों को दी गई। बैठक में सीएमएस, एलपीएस, ब्राइटलैंड, एमिटी नवयुग सहित करीब 50 स्कूलों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों ने सहभागिता की। इस दौरान स्कूलों की ओर से प्रवेश न लेने की जो भी दलीलें दी गईं, उन्हें खारिज करते हुए एक सप्ताह में सभी बच्चों को दाखिला देकर सूचित करने के लिए कहा गया है। इसके बाद लापरवाह स्कूलों पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। बता दें कि गरीब बच्चों के हक की आवाज अमर उजाला ने लगातार उठाई है।
विज्ञापन

बैठक में नहीं शामिल हुआ जयपुरिया
बैठक में जयपुरिया स्कूल की ओर से फिर कोई नहीं आया। इस पर एडीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए नोटिस जारी करने के लिए कहा है। बीएसए ने बताया कि स्कूल प्रबंधक की ओर से इस सत्र में प्रवेश नहीं लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी तक नहीं हुई राजधानी में एक भी भी कार्रवाई
बता दें कि आरटीई एक्ट का उल्लंघन करने वाले किसी भी स्कूल पर एक बार भी कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि आरटीई अधिनियम 2009 से लागू है। तब से हर साल शिक्षा विभाग के साथ-साथ गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए जिलाधिकारी और मंडलायुक्त तक को जद्दोजहद करनी पड़ रही है।

तीन हजार बच्चे प्रवेश के इंतजार में
आरटीई के तहत चयनित अभी 3000 बच्चे प्रवेश के इंतजार में हैं। इस साल 18 हजार बच्चों का चयन हुआ था। इसमें 3000 अभिभावक स्कूलों की मनमानी से तंग होकर प्रवेश से ही किनारा कर लिया है। वहीं 12000 बच्चों को प्रवेश मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed