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तीन तलाक देने पर शौहर अगर जेल जाएगा तो सुलह कैसे होगी : शाइस्ता अम्बर

Tue, 18 Jun 2019 12:43 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Tue, 18 Jun 2019 12:43 AM IST
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if husband goes to jail after triple talaq then how settlement happens says shaista ambar
ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर - फोटो : amar ujala
ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर ने तीन तलाक के मौजूदा बिल का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जब शौहर जेल चला जाएगा तो पति-पत्नी में सुलह कैसे होगी? तीन तलाक पर कानून जरूरी है, पर बिल में सुधार उससे भी ज्यादा जरूरी है। कानून ऐसा हो ताकि शौहर और बीवी में सुलह की गुंजाइश रहे। वे सोमवार को प्रेस क्लब में मीडियाकर्मियों से बात कर रही थीं। शाइस्ता ने साफ किया कि खामियां दूर होने के बाद ही बिल का स्वागत किया जाएगा।
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शाइस्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन तलाक पर अध्यादेश लाकर उसे अपराध बना दिया है। सरकार से ऐसे कानून की मांग रखी थी जो शरीयत के कानून से न टकराए। बिल में आरोपी को जमानत का प्रावधान है, पर जमानत देने का अधिकार मजिस्ट्रेट को ही रहेगा। बिल में तीन साल की सजा कम की जाए और मुख्य मुस्लिम धार्मिक संगठनों के साथ समाजसेवियों से चर्चा के बाद इसे तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि तलाक पीड़िता की मदद के लिए कोई फंड नहीं है। 
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केस चलने पर महिला वकील को देने के लिए पैसा कहां से लाएगी। महिला और उसके बच्चे की गुजारे की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि तलाकशुदा महिलाएं माता-पिता और भाई पर बोझ न बने, इसके लिए सरकार वक्फ जायदादों पर आश्रय गृह, लघु उद्योग, स्कूल, विश्वविद्यालय कारखाने का का निर्माण कराकर उनकी मदद की व्यवस्था कराए।
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बीमार होने पर पति व बेटा घर से निकालने की कर रहे कोशिश

पत्रकार वार्ता में मौजूद चिनहट के कमता निवासी शबनम का आरोप है कि पशुपालन विभाग में कार्यरत पति बीमार होने पर उन्हें घर से निकालना चाहते हैं। 17 साल के बेटे को भी पति ने अपने पक्ष में कर लिया है। शादी के 23 साल बाद 2015 में किडनी में संक्रमण और हार्ट में समस्या होने के बाद पति ने उन्हें जिला गाजीपुर स्थित घर भेज दिया।

इसके बाद पति ने एक फर्जी तलाकनामा कोर्ट में दाखिल किया, जिसे अदालत ने निरस्त कर दिया। अब पति व बेटा उन्हें घर से निकालने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप है कि अदालत ने गुजारे की रकम भी तय कर दी लेकिन पति नहीं दे रहे हैं। 
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