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यूपी: ग्रेच्युटी नहीं दी तो नियोक्ता की संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली, नए नियम से तय हुई जवाबदेही
Tue, 08 Sep 2026 01:51 PM IST
Bhupendra Singh
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Tue, 08 Sep 2026 01:51 PM IST
सार
नियोक्ता ने अब ग्रेच्युटी नहीं दी तो उसकी संपत्ति कुर्क करके वसूली होगी। नए नियम से नियोक्ता की जवाबदेही तय होगी। सामाजिक सुरक्षा नियमावली में भुगतान से वसूली तक की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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ग्रेच्युटी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उत्तर प्रदेश में ग्रेच्युटी को लेकर नियोक्ताओं की जवाबदेही तय की गई है। सक्षम या अपीलीय प्राधिकारी द्वारा राशि तय किए जाने और नियोक्ता को नोटिस मिलने के 30 दिन के भीतर ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान करना होगा। ऐसा नहीं होने पर कर्मचारी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष वसूली प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आवेदन कर सकेगा। इसके बाद नियोक्ता की चल अचल संपत्ति कुर्क कर उसे बेचने के माध्यम से बकाया रकम वसूल की जा सकेगी।
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उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा संहिता नियमावली-2026 में ग्रेच्युटी के भुगतान से लेकर उसकी वसूली तक की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है। इसके तहत ग्रेच्युटी के नामांकन में भी नियोक्ता की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। कर्मचारी नामांकित व्यक्ति अथवा कानूनी वारिस और उसके हिस्से का उल्लेख कर सकेगा।
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नियोक्ता नामांकन का सत्यापन कर उसे रिकॉर्ड में दर्ज करेगा और कर्मचारी को प्रमाणित प्रति देगा। परिवार की स्थिति बदलने पर संशोधित या नया नामांकन किया जा सकेगा। नियमावली में कर्मचारी बीमा न्यायालय या सक्षम प्राधिकारी से राहत मिलने के बावजूद भुगतान न होने की स्थिति में मूल बकाया के साथ ब्याज और वसूली लागत मांगने का भी प्रावधान है।
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