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केजीएमयू: कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए आईसीयू टीम तैयार

Mon, 30 Mar 2020 01:14 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 30 Mar 2020 01:14 PM IST
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ICU team ready for corona positive patients in KGMU
प्रतीकात्मक तस्वीर

केजीएमयू का पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह तैयार है। टीम ने मरीजों के देखभाल से लेकर खुद के बचाव की रणनीति भी बना ली है। रविवार को डॉ वेदप्रकाश ने टीम को प्रशिक्षण दिया।

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रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ वेदप्रकाश से करीब 22 लोगों की टीम तैयार की है, जो कोरोना वायरस पीड़ितों के इलाज के लिए तैयार है।
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रविवार को इस टीम ने नई गाइडलाइन के अनुसार खुद को अपडेट किया। डॉ. वेदप्रकाश ने बताया कि कोरोना वायरस पीड़ितों के इलाज को लेकर डब्ल्यूएचओ सहित विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों की ओर से लगातार गाइडलाइन अपडेट की जा रही है।
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इसी के तहत टीम को रविवार को एक बार फिर प्रशिक्षित किया गया। इन्हें बताया गया कि कोरोना पार्ट-2 मरीज के अस्पताल में आने पर क्या सावधानी बरतनी है।

यह टीम दूसरे चिकित्सा संस्थानों की टीम को कर सकती है प्रशिक्षित

क्रिटिकल और नॉन क्रिटिकल स्थिति में, वेंटिलेटर पर जाने की स्थिति में, ट्रेकिया के जरिये ट्यूब डालने सहित अन्य सावधानियों से वाकिफ कराया। भविष्य के खतरे को ध्यान में रखते हुए विभाग के वेंटिलेटर और नॉन वेंटिलेटर वाले बेड तैयार कर लिए गए हैं।

वार्ड को दो हिस्से में बांटा गया है, ताकि कोरोना वायरस टीम मरीज के वेंटिलेटर पर आने पर दूसरे मरीजों को दिक्कत न हो। डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि उनकी टीम हर स्तर पर कोरोना से लड़ने के लिए तैयार है।

जरूरत पर यह टीम दूसरे चिकित्सा संस्थानों की टीम को प्रशिक्षित कर सकती है। टीम को सैंपल लेते वक्त बरती जाने वाली सावधानी से भी अवगत कराया गया है।

80 फीसदी में सामान्य लक्षण

डॉ. वेद प्रकाश के अनुसार कोरोना के आम लक्षण इसके लक्षण सर्दी से लेकर बुखार, सूखी खांसी, डिसनियां, माइल्जिया, गंभीर सिरदर्द से लेकर वायरल निमोनिया जैसे गंभीर श्वसन संकट सिंड्रोम तक होते हैं जो संभावित रूप से घातक हैं।

14 प्रतिशत रोगी गंभीर बीमारी के साथ वहीं 80 प्रतिशत हल्के लक्षणों के साथ सामने आते हैं।
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