{"_id":"5f6d03f38ebc3e13a733325a","slug":"icu-bed-crisis-in-lucknow-lucknow-news-lko541854942","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईसीयू में नहीं मिल रहा बेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईसीयू में नहीं मिल रहा बेड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईसीयू में नहीं मिल रहा बेड
राजधानी में गंभीर मरीजों का इलाज मुश्किल
राजधानी में आईसीयू के बेड बढ़ाए जाने के बाद भी समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। गंभीर मरीजों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहे हैं। कई मरीज ऐसे हैं जो निजी अस्पताल में भी खर्च उठाने को तैयार हैं, लेकिन वहां भी आईसीयू की बात आने पर हाथ खड़े किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि राजधानी में सप्ताह भर पहले 217 बेड बढ़ाए गए हैं। इसमें आइसोलेशन बेड 2899 से बढ़ाकर 2915, एचडीयू 569 से बढ़ाकर 692 और आईसीयू वेंटिलेटर बेड 282 से बढ़ाकर 360 कर दिए गए हैं। कंट्रोल रूम के सूत्रों ने बताया कि आइसोलेशन वाले करीब दो हजार बेड खाली हैं। वहीं एचडीयू में भर्ती 30 मरीज आईसीयू के लिए इंतजार में हैं। बुधवार देर शाम तक इसमें से कुछ मरीजों को आईसीयू मिल पाया है।
आइसोलेशन वाले बेड पर्याप्त मात्रा में खाली हैं। आईसीयू में उन्हीं मरीजों को रखा जाता है जो अति गंभीर हों। इन दिनों आईसीयू की मांग लगातार बनी हुई है। मरीज की स्थिति के अनुसार तय किया जाता है कि उसे आइसोलेशन में रखना है या एचडीयू में। -डॉ. आरपी सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी में गंभीर मरीजों का इलाज मुश्किल
राजधानी में आईसीयू के बेड बढ़ाए जाने के बाद भी समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। गंभीर मरीजों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहे हैं। कई मरीज ऐसे हैं जो निजी अस्पताल में भी खर्च उठाने को तैयार हैं, लेकिन वहां भी आईसीयू की बात आने पर हाथ खड़े किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि राजधानी में सप्ताह भर पहले 217 बेड बढ़ाए गए हैं। इसमें आइसोलेशन बेड 2899 से बढ़ाकर 2915, एचडीयू 569 से बढ़ाकर 692 और आईसीयू वेंटिलेटर बेड 282 से बढ़ाकर 360 कर दिए गए हैं। कंट्रोल रूम के सूत्रों ने बताया कि आइसोलेशन वाले करीब दो हजार बेड खाली हैं। वहीं एचडीयू में भर्ती 30 मरीज आईसीयू के लिए इंतजार में हैं। बुधवार देर शाम तक इसमें से कुछ मरीजों को आईसीयू मिल पाया है।
विज्ञापन
आइसोलेशन वाले बेड पर्याप्त मात्रा में खाली हैं। आईसीयू में उन्हीं मरीजों को रखा जाता है जो अति गंभीर हों। इन दिनों आईसीयू की मांग लगातार बनी हुई है। मरीज की स्थिति के अनुसार तय किया जाता है कि उसे आइसोलेशन में रखना है या एचडीयू में। -डॉ. आरपी सिंह, सीएमओ
विज्ञापन