{"_id":"61875d34cc6b8132f2700056","slug":"ias-iftikharuddin-case-up-ats-can-be-given-investigation-sit-has-submitted-report","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएएस इफ्तिखारुद्दीन प्रकरण : यूपी एटीएस को दी जा सकती है मामले की जांच, एसआईटी सौंप चुकी है रिपोर्ट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
आईएएस इफ्तिखारुद्दीन प्रकरण : यूपी एटीएस को दी जा सकती है मामले की जांच, एसआईटी सौंप चुकी है रिपोर्ट
Sun, 07 Nov 2021 03:57 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 07 Nov 2021 03:57 PM IST
सार
एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में आपत्तिजनक साहित्य और सरकारी आवास में होने वाली धार्मिक बैठकों को लेकर आईएएस अफसर इफ्तिखारु द्दीन को दोषी माना है।
विज्ञापन
मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन,आईएएस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में लंबे समय तक मंडलायुक्त रहे आईएएस इफ्तिखारु द्दीन द्वारा सरकारी आवास पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने और उसमें धर्मांतरण से जुड़ी बैठकों की जांच यूपी एटीएस को सौंपी जा सकती है। इसे लेकर शासन में मंथन किया जा रहा है। इस मामले में गठित की गई एसआईटी पिछले महीने ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप चुकी है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में आपत्तिजनक साहित्य और सरकारी आवास में होने वाली धार्मिक बैठकों को लेकर आईएएस अफसर इफ्तिखारु द्दीन को दोषी माना है। ऐसे में शासन इस मामले की विस्तृत जांच यूपी एटीएस से कराने पर विचार कर रहा है। हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
विज्ञापन
मामला एटीएस तक पहुंचा तो आईएएस इफ्तिखारु द्दीन की मुश्किलें बढ़नी तय हैं। क्योंकि एटीएस पहले प्रारंभिक जांच करेगी और फिर मुकदमा दर्ज कर उसकी विवेचना करेगी। 1985 बैच के आईएएस इफ्तिखारुद्दीन मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष हैं। वह लंबे समय तक कानपुर में तैनात रहे हैं।
विज्ञापन