मुख्यमंत्री अखिलेश बोले, नेताजी से मेरा विवाद कभी था ही नहीं
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि मेरा नेताजी (मुलायम सिंह यादव) से कभी कोई विवाद नहीं था। मेरी और उनकी सूची के 90 फीसदी प्रत्याशी कॉमन थे।
अखिलेश मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि साइकिल उन्हें ही मिलेगी, इस पर उन्हें पूरा भरोसा था। नेताजी को साथ लेकर चलेंगे। पिता से क्या कभी रिश्ता खत्म हो सकता है। यह रिश्ता अटूट है।
मुख्यमंत्री ने कहा, सोमवार को नेताजी का आशीर्वाद लेने गया था, लेकिन ट्विटर वाली फोटो दो दिन पुरानी थी। अखिलेश ने कहा कि अब उन पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। अभी उनका सारा ध्यान दुबारा सरकार बनाने पर है। 19 जनवरी को आगरा में होने वाली रैली रद्द कर दी गई है।
शिवपाल-मुलायम खेमे के माने जाने वाले बर्खास्त मंत्रियों को टिकट देने के सवाल को वे टाल गए। बर्खास्त मंत्रियों ओमप्रकाश सिंह, नारद राय और शादाब फातिमा को टिकट देने के सवाल पर उल्टे पत्रकारों से सवाल किया कि आप ही बताइए क्या करना चाहिए।
उत्तराखंड में पार्टी प्रत्याशियों की सूची पर भी वे कुछ नहीं बोले। बता दें कि हाल ही सपा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने उत्तराखंड चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी की थी।
गठबंधन के प्रत्याशियों की सूची जल्द
अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों से उनकी पार्टी के गठबंधन पर एक-दो दिन में अंतिम निर्णय हो जाएगा। इसका औपचारिक एलान लखनऊ में करेंगे। गठबंधन के प्रत्याशियों की सूची भी जल्द ही जारी कर दी जाएगी।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंच शेयर करने के सवाल पर कहा, इसके जवाब के लिए थोड़ा इंतजार करिए।
संवाददाताओं ने गठबंधन के बारे में तफसील से बताने का आग्रह किया तो इतना ही बोले, इस बारे में सोमवार को पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने जो कहा था, उसे सही मानिए।
आपसी तनाव भूल चुनाव की तैयारियों में जुटें
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि कार्यकर्ता आपसी तनाव को भूलकर पूरी तरह से चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं।
समाजवादी पार्टी और साइकिल निशान को लेकर चुनाव आयोग का फैसला आने के दूसरे दिन मंगलवार को भी कार्यकर्ताओं के जश्न मनाने का सिलसिला जारी रहा।
मुख्यमंत्री आवास और पार्टी मुख्यालय पर एक के बाद एक जत्थे में कार्यकर्ता आते रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर कुछ कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
टिकट न मिलने पर किसी तरह का मनभेद न रखें
बुंदेलखंड, जौनपुर, वाराणसी, पीलीभीत और बरेली से टिकट पाने के इच्छुक पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके सामने अपनी बात रखी। सीएम ने उनसे कहा कि टिकट के दावेदार कई होते हैं, पर टिकट किसी एक को ही दिया जा सकता है। इसलिए टिकट न मिलने पर किसी तरह के मनभेद न रखें।
उधर, टिकट के दावेदारों का सपा के प्रदेश मुख्यालय पर भी जमावड़ा लगा रहा। वे इस बात को जानने के ज्यादा उत्सुक थे कि गठबंधन के तहत कौन-कौन सी सीटें किस दल के लिए छोड़ी जा रही हैं।
प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने भी दावेदारों से मिले और उनकी बात ऊपर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।