चुनाव लड़ने के सवाल पर दयाशंकर की पत्नी ने दिया ये जवाब
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भाजपा से निष्कासित दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह राजनीति में आएंगी या नहीं इस बात के लेकर इन दिनों खासी चर्चा है। हालांकि उन्होंने किसी राजनीतिक दल में जाने से साफ इन्कार किया है। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी बेटी और महिलाओं को सम्मान व न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रही हूं, इसे राजनीति से जोड़ना गलत है। राजनीति में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है।’
स्वाति ने रविवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में चुनाव लड़ने से साफ इन्कार करते हुए कहा कि एक मां अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क पर उतरी है। इसे बसपा को छोड़कर सभी के दलों के लोगों ने व्यक्तिगत तौर पर समर्थन जरूर दिया है, लेकिन इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।
यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक उनकी नाबालिग बच्ची के खिलाफ अपशब्द बोलने वाले बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी, रामअचल राजभर और मेवालाल गौतम के खिलाफ ‘पॉक्सो’ के तहत कार्रवाई नहीं होती।
मायावती का करें सोशल बायकॉट
स्वाति ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि महिला होने के बाद भी महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती का ‘सोशल बायकॉट’ करे।
उन्होंने मायावती पर एक नाबालिग लड़की के खिलाफ अभद्र शब्दों का प्रयोग करने वाले बसपा नेताओं को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा, मायावती ने अपनी और बसपा नेताओं की गलती के लिए न तो माफी मांगी और न नेताओं के बयान की निंदा ही की, जबकि दयाशंकर सिंह ने गलती की तो तत्काल माफी मांग ली थी।
इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री अरुण जेटली तक ने मायावती से क्षमायाचना कर ली थी।