लखनऊ। शहर का पहला पूरी तरह ऑटोमैटिक हैदर कैनाल सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) 15 दिन में पूरी क्षमता से चलने लगेगा। 120 एमएलडी क्षमता वाला यह प्लांट 15 अगस्त से अभी 80 एमएलडी क्षमता पर चल रहा है। पूरी क्षमता पर चलने के बाद इससे करीब 10 लाख आबादी को फायदा होगा, वहीं गोमती का प्रदूषण शून्य हो जाएगा। बुधवार को जिलाधिकारी विशाख जी ने एसटीपी का निरीक्षण किया और समय से काम पूरा करने के निर्देश दिए।
जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर महेश गौतम ने बताया कि हैदर कैनाल पारा से लेकर लोहिया पथ तक आती है। इसमें इस समय करीब 200 एमएलडी सीवर और नालों का पानी आ रहा है। एसटीपी का एक चैनल गेट बनना है, जिसका काम 15 दिन में पूरा हो जाएगा। उसके बाद प्लांट पूरी क्षमता से काम करने लगेगा। हैदर कैनाल पर 100 एमएलडी क्षमता का एक सीवेज पंपिंग स्टेशन पहले से बना है। यहां से शुएज कंपनी सीवर पंप कर भरवारा एसटीपी भेज रही है। ऐसे में जब 15 दिन बाद चैनल गेट निर्माण का काम पूरा होने के बाद प्लांट पूरी क्षमता से चलने लगेगा तो गोमती नदी में हैदर कैनाल का प्रदूषण शून्य हो जाएगा। अभी बिना शोधित पानी जा रहा है और बाद में यह शोधित होने के बाद जाएगा। प्लांट में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है, जिसमें यूवी (अल्ट्रावायलेट) वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम भी सम्मिलित है, जो पानी में हानिकारक इकोलाई के स्तर को कम करता है।