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Lucknow News: रुपये हड़पे जाने से आहत ठेकेदार ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दी
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माता प्रसाद। (फाइल फोटो)
लखनऊ। आजमगढ़ के करखिया रुस्तम सहाय निवासी ठेकेदार माता प्रसाद सिंह (46) ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। वह कार धुलाई का ठेका लेते थे और आलमबाग के होटल सौभाग्य इन में ठहरे थे। रविवार को गंभीर अवस्था में ठेकेदार को ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया गया, वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके पास से सात पन्ने का सुसाइड नोट बरामद किया गया है। इसमें दो लोगों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
ठेकेदार के बेटे सूरज के मुताबिक उनके पिता शनिवार को देवरिया जाने की बात कहकर बाइक से निकले थे। रविवार को लखनऊ में रहने वाले माता प्रसाद के मित्र ने फोन कर सूरज को बताया कि उसके पिता ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। पूछने पर बताया गया कि माता प्रसाद आलमबाग के सौभाग्य इन होटल में ठहरे थे। रविवार सुबह स्टाफ ने उन्हें अचेत अवस्था में देखकर सूचना दी। परिजन लखनऊ पहुंचे तो माता प्रसाद की हालत गंभीर थी। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
सूरज ने बताया कि पिता ने कृष्णा इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म बनाई थी। इस पर कार धुलाई का ठेका लेते थे। आरोप है कि आजमगढ़ में एक वाहन कंपनी के जीएम भूपेंद्र सिंह और निखिलेश मौर्य ने उनसे रुपये लिए थे। रकम नहीं लौटा रहे थे। माता प्रसाद ने फर्म चलाने के लिए कई लोगों से रकम उधार ले रखी थी। नोट में उन्होंने निखिलेश पर 13 लाख व भूपेंद्र पर 16 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।
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सुसाइड नोट में लिखा लेनदेन का हिसाब
सुसाइड नोट में लिखा है कि दो माह पहले निखिलेश ने माता प्रसाद को जान से मारने की धमकी भी दी थी। नोट में लेनदेन का हिसाब और जीवन के संघर्ष भी बयां किए हैं। उधर, जिन लोगों ने ठेकेदार को उधार दिए थे, वे भी रकम वापसी का दबाव बना रहे थे। परेशान होकर माता प्रसाद ने आत्महत्या कर ली। सूरज ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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ठेकेदार के बेटे सूरज के मुताबिक उनके पिता शनिवार को देवरिया जाने की बात कहकर बाइक से निकले थे। रविवार को लखनऊ में रहने वाले माता प्रसाद के मित्र ने फोन कर सूरज को बताया कि उसके पिता ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। पूछने पर बताया गया कि माता प्रसाद आलमबाग के सौभाग्य इन होटल में ठहरे थे। रविवार सुबह स्टाफ ने उन्हें अचेत अवस्था में देखकर सूचना दी। परिजन लखनऊ पहुंचे तो माता प्रसाद की हालत गंभीर थी। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
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सूरज ने बताया कि पिता ने कृष्णा इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म बनाई थी। इस पर कार धुलाई का ठेका लेते थे। आरोप है कि आजमगढ़ में एक वाहन कंपनी के जीएम भूपेंद्र सिंह और निखिलेश मौर्य ने उनसे रुपये लिए थे। रकम नहीं लौटा रहे थे। माता प्रसाद ने फर्म चलाने के लिए कई लोगों से रकम उधार ले रखी थी। नोट में उन्होंने निखिलेश पर 13 लाख व भूपेंद्र पर 16 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।
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सुसाइड नोट में लिखा लेनदेन का हिसाब
सुसाइड नोट में लिखा है कि दो माह पहले निखिलेश ने माता प्रसाद को जान से मारने की धमकी भी दी थी। नोट में लेनदेन का हिसाब और जीवन के संघर्ष भी बयां किए हैं। उधर, जिन लोगों ने ठेकेदार को उधार दिए थे, वे भी रकम वापसी का दबाव बना रहे थे। परेशान होकर माता प्रसाद ने आत्महत्या कर ली। सूरज ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।