{"_id":"87312861cc25b307dbda5151578db217","slug":"human-rights-commission-meeting-in-meerut","type":"story","status":"publish","title_hn":"जन सुनवाई में एनएचआरसी सुनेगा दंगा पीड़ितों का दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जन सुनवाई में एनएचआरसी सुनेगा दंगा पीड़ितों का दर्द
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Tue, 24 Sep 2013 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार और उत्पीड़न सहित मानवाधिकार हनन के अन्य मामलों के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ओपन कैंप लगाने जा रहा है।
विज्ञापन
कैंप में एनएचआरसी के चेयरमैन केजी बालाकृष्णन खुद जनसुनवाई करेंगे। आयोग ने पीड़ितों-शोषितों से 30 सितंबर तक स्पीड पोस्ट व रजिस्टर्ड डाक से शिकायतें मांगी हैं।
विज्ञापन
ओपन कैंप की शुरुआत 11 नवंबर को मेरठ से होगी। मुजफ्फरनगर में दंगे के बाद इस कैंप को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैंप में अनुसूचित जाति के लोगों पर हुए अत्याचार, जनसेवकों द्वारा बरती गई लापरवाही और अनियमितता की शिकायतों की भरमार होगी।
इस दौरान शिकायतकर्ता और संबंधित अफसरों को बुलाया जाएगा। दो दिवसीय इस कैंप में मुजफ्फरनगर के अलावा हापुड़, गाजियाबाद और बागपत सहित मेरठ मंडल के सभी छह जिलों की शिकायतें सुनी जाएंगी।
विज्ञापन
इसी तरह वाराणसी में 25 और 26 नवंबर को कैंप लगेगा। लखनऊ में दो से चार दिसंबर तक चलने वाले कैंप में जेल और जुवेनाइल के अलावा गृह विभाग के कई मामलों पर चर्चा होगी।
मेरठ और वाराणसी में सुनवाई के लिए संबंधित लोग रजिस्ट्रार एनएचआरसी, मानवाधिकार भवन, ब्लॉक सी, जीपीओ कॉम्प्लेक्स, आईएनए दिल्ली के पते पर 30 सितंबर तक शिकायत भेज सकते हैं। शिकायतें रजिस्टर्ड डाक या स्पीड पोस्ट से ही भेजी जाएंगी।