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UP News: बीएसए लखनऊ पर 50 हजार का जमानती वारंट जारी, मानवाधिकार आयोग ने दिया आदेश; जानें मामला

Sun, 19 Apr 2026 08:45 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sun, 19 Apr 2026 08:45 AM IST
सार

मानवाधिकार आयोग ने बीएसए लखनऊ पर 50 हजार का जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 19 मई को होगी। आगे पढ़ें और जानें पूरा मामला...

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Human Rights Commission has ordered issuance of bailable warrant of 50,000 against Lucknow BSA
उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग में सुनवाई। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने एक मामले की सुनवाई के दौरान लखनऊ के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की अनुपस्थिति पर सख्त रुख अपनाया। आयोग ने उनके खिलाफ 50 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। यह वारंट पुलिस कमिश्नर लखनऊ के माध्यम से जारी करने को कहा है।

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लखनऊ और बहराइच के विद्यालयों में स्कूल ड्रेस आपूर्ति करने वाली भारतीय हरित खादी ग्रामोदय संस्था को पांच साल से भुगतान नहीं मिला है। संस्था के अध्यक्ष विजय पांडेय ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर बताया था कि वर्ष 2019-20 और 2020-21 में मोहनलालगंज, चिनहट व बहराइच के रिसिया ब्लॉक में आपूर्ति के बाद 1.33 करोड़ रुपये बकाया हैं। 

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सुनवाई में उपस्थित होने का दिया था आदेश

पत्राचार के बावजूद सुनवाई न होने से संस्था आर्थिक संकट में है। आयोग मामले का संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। 15 मार्च को आयोग ने दोनों जिलों के बीएसए को 16 अप्रैल को सुनवाई में उपस्थित होने का आदेश दिया था।

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आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा की पीठ के समक्ष 16 अप्रैल को सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष से अनूप यादव और भारती हरित ग्राम उदय संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक पाठक उपस्थित हुए। मामले में बहराइच के खंड शिक्षा अधिकारी ने बीएसए बहराइच के 18 अप्रैल तक अवकाश पर होने की जानकारी दी। वहीं, बीएसए लखनऊ सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए, जबकि उन्हें सूचना दी गई थी।

वसूली योग्य राशि सात दिन के भीतर उपलब्ध कराएं

सुनवाई के दौरान बीईओ बहराइच ने बताया कि यदि संबंधित स्कूलों की सूची और उनसे वसूली योग्य राशि उपलब्ध करा दी जाए, तो बीएसए स्तर पर वसूली में सहयोग किया जा सकता है। इस पर आयोग ने आवेदक को निर्देश दिया कि वह बहराइच व लखनऊ के स्कूलों की सूची और वसूली योग्य राशि सात दिन के भीतर उपलब्ध कराएं। 



आयोग ने जिलाधिकारी बहराइच और पुलिस कमिश्नर लखनऊ को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई पर दोनों जिलों के बीएसए की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। मामले की अगली सुनवाई 19 मई 2026 को होगी।

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