सर्वर ठप, पीजीआई के काउंटर पर रो पड़े मरीज
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सुबह-सुबह पैदा हुई इस दिक्कत के कारण एसजीपीजीआई की सभी व्यवस्था ध्वस्त हो गई। नए मरीजों के परिवारीजनों को लगा कि जब डॉक्टर को नहीं दिखा पाएंगे तो वो रजिस्ट्रेशन काउंटर पर ही रो पड़े।
प्रतापगढ़ पट्टी से आए शिवम ओझा की डेढ़ महीने के इंतजार के बाद सीटी स्कैन की डेट आई थी। वह सोमवार को ओपीडी पहुंचे लेकिन कम्प्यूटर न चलने के कारण सीटी स्कैन का शुल्क नहीं जमाकर पाए।
वह कैश काउंटर पर शुल्क जमा करने के लिए गिड़गिड़ाते रहे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। मरीज की बीमारी का हवाला देते हुए उन्होंने कई बार अधिकारियों के हाथ-पैर जोड़े, जब उनकी नहीं सुनी गई तो वो फूट-फूटकर रो पड़े। कई दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे सैकड़ों मरीजों को सोमवार को संजय गांधी पीजीआई से निराश होकर वापस लौट गए।
मुख्यमंत्री से हुई शिकायत
मरीजों की परेशानी को देखते हुए विधायक देवनारायन उर्फ जीएम सिंह ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और तत्कालीन मुख्य सचिव व पीजीआई के तत्कालीन अध्यक्ष जावेद उस्मानी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच करा कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की थी।
विधायक देवनारायन ने एचआईएस को उच्चीकृत करने की पूरी कवायद उंगलियां उठाते हुए, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बावजूद इस घोटाले को खोलने में शासन ने कोई भी कार्रवाई नहीं की।
एसपीजीआई के निदेशक प्रो. राकेश कपूर ने बताया, एचआईएस शाम को चार बजे तक चालू हो गया था। अब सर्वर ठप होने के कारणों की जांच की जा रही है।
जिस कंपनी के पास सर्वर के रखरखाव का जिम्मा है उसके अधिकारियों को बुलाया गया है। उनसे इसे दुरुस्त करने के लिए कहा जाएगा।