यूपी: हृदय नारायण दीक्षित का विधानसभा अध्यक्ष बनना लगभग तय
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भाजपा के वरिष्ठ नेता व विधायक हृदय नारायण दीक्षित का विधानसभा का अध्यक्ष बनना लगभग तय है। औपचारिक रूप से भाजपा का कोई नेता अभी इस विषय में कुछ न बोल रहा हो लेकिन जानकारी के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने दीक्षित को विधानसभा अध्यक्ष के पद पर बैठाने का फैसला कर लिया है।
दीक्षित बुधवार को नामांकन करेंगे, चुनाव बृहस्पतिवार को होगा। संकेत हैं कि दीक्षित के नाम का विपक्ष भी समर्थन करेगा और वह सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष चुने जाएंगे।
भाजपा संगठन में विभिन्न पदों पर काम कर चुके दीक्षित कई बार विधायक रह चुके हैं। वह विधान परिषद के भी सदस्य और उच्च सदन में पार्टी के नेता भी रहे।
प्रदेश के संसदीय कार्यमंत्री रह चुके दीक्षित संसदीय परिपाटी व नियमों के भी अच्छे जानकार माने जाते हैं। विधानसभा अध्यक्ष के लिए दीक्षित जैसे चेहरे के चयन की वजह उनकी जानकारी और साफ-सुथरी छवि ही प्रमुख वजह मानी जा रही है। पर, कहा यह भी जा रहा है कि इस फैसले के पीछे सूबे के सियासी समीकरण भी हैं।
यह भी है एक वजह
कई पुस्तकें लिख चुके दीक्षित अगड़े वर्ग से होने के बावजूद पिछड़ों व दलितों के बीच अलोकप्रिय नहीं हैं। संभवत: इसीलिए भाजपा के रणनीतिकार उन्हें विधानसभा अध्यक्ष पद पर बैठाकर खास संदेश भी देना चाहते हैं।
हालांकि मंत्रिपरिषद में शामिल कैबिनेट मंत्रियों में 5 ब्राह्मण हैं, लेकिन पार्टी रणनीतिकारों की मानें तो इनमें दीक्षित जितना प्रभावी चेहरा कोई नहीं था। इसीलिए दीक्षित के जरिये उस समीकरण को दुरुस्त करने की कोशिश हो रही है।