अब बर्ड फ्लू का मंडराया खतरा, रहें सावधान
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स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के बाद अब राजधानी से सवा सौ किलोमीटर दूर पर सुल्तानपुर व अमेठी में बर्ड फ्लू (एच5एन1) वायरस के फैलने का खतरा मंडराने लगा है। लखनऊ में मानव जाति में बर्ड फ्लू का एक भी केस नहीं है। इसलिए डरने की जरूरत नहीं है।
डॉक्टरों का कहना है कि बर्ड फ्लू का वायरस स्वाइन फ्लू से काफी कमजोर होता है। एहतियात बरतें तो वायरस से बचाव संभव है। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. मनोदीप सेन बताते हैं कि बर्ड फ्लू जंगली बत्तखों और मुर्गी से होता है तो स्वाइन फ्लू सुअरों से। वो बताते हैं कि बर्ड फ्लू और स्वाइन फ्लू वायरस एक जैसे ही होते हैं।
डॉ. सेन बताते हैं कि बर्ड फ्लू के शिकार भी मरीज और बच्चे होते हैं। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कम होती है वो वायरस की चपेट में जल्दी आते हैं। इस वायरस से पीड़ित मरीज के स्वाब की जांच रियल टाइम पीसीआर से होती है।
स्वाइन फ्लू से मिलते हैं इसके लक्षण
डॉ. मनोदीप सेन बताते हैं कि बर्ड फ्लू का लक्षण स्वाइन फ्लू के लक्षण से मिलता-जुलता है। इसमें मुख्य रूप से सूखी खांसी, तेज बुखार, शरीर और जोड़ों में दर्द, नाक से खून आना, नाक बंद होना, सीने में दर्द, ठंडा लगना, थकान महसूस होना, सिर में दर्द, होश खो बैठना, नाक का लगातार बहते रहना, सोने में परेशानी, पेट में दर्द के साथ डायरिया, मसूड़ों से खून बहना या सांस लेने में अचानक दिक्कत होना। अगर इस तरह के लक्षण किसी में दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी जरूरी है।
ऐसे करें बचाव
पक्षियों को छूने से परहेज करें। मरे हुए और संक्रमित पक्षियों को छूने से बढ़ेगा खतरा। बर्ड फ्लू मीट खाने से भी हो सकता है। अच्छी तरह से चिकन को पकाने से उसमें मौजूद इंफ्लूएंजा वायरस खत्म हो जाता है। अधपका मीट खाने से वायरस फैलने का खतरा रहता है।
पॉल्ट्री फॉर्म में काम करने से बर्ड फ्लू का अधिक खतरा मुर्गी पालकों को होता है। इसके बाद ही ये वायरस एक से दूसरे व्यक्ति से फैलता है। मुर्गी पालक को ज्यादा सतर्क रहना होगा।