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Lucknow News: अहम सवाल, 13 साल में अचानक यह सब कैसे........
Thu, 07 Dec 2023 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 07 Dec 2023 12:48 AM IST
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ससुराल पक्ष का कहना शादी के बाद से डॉ. अरुण ठीकठाक थे, कभी नहीं करते थे गलत बर्ताव
घटना को किसलिए दिया गया अंजाम, चारों की मौत के बाद इस सवाल पर बरकरार है रहस्य
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी का दावा, दंपती में चल रहा था मनमुटाव, डिप्रेशन का शिकार था चिकित्सक
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। आरेडिका में तैनात डॉ. अरुण और उनकी पत्नी, दो बच्चों की मौत की गुत्थी अब भी अनसुलझी है। सवाल इस बात का है कि 13 साल बाद यह सब कैसे हो गया। शांत स्वभाव और मरीजों के लिए भगवान कहे जाने वाले डॉ. अरुण ने आखिर ऐसी क्रूरता क्यों की। पुलिस का दावा है कि दंपती में मनमुटाव चल रहा था। चिकित्सक डिप्रेशन का शिकार थे। इसी वजह से घटना हुई, लेकिन सवाल इस बात है कि दंपती मेंं मनमुटाव किसलिए था। वहीं ससुराल पक्ष भी घटना को लेकर कुछ नहीं बता पा रहा है। उसका यही कहना है कि सबकुछ ठीकठाक चल रहा था। इस घटना ने आरेडिका की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना में हुई घटना ने सभी को झकझोर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर की मौत की वजह हैंगिंग और पत्नी, दो बच्चों की मौत की वजह हत्या आई है। वर्ष 2008 में डॉक्टर की शादी हुई थी। शादी के एक दशक से ज्यादा समय बात भी किसी तरह कोई बात नहीं थी। हंसते खेलते परिवार में गमों का ऐसा पहाड़ टूट पड़ेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। घटना के बाद से यही बात कही जा रही है कि डॉक्टर डिप्रेशन का शिकार था। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि मृतक चिकित्सक और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर मनमुटाव चल रहा था। डॉक्टर डिप्रेशन मेंं भी था। इसी वजह से उसने पत्नी, बच्चों की हत्या करने के बाद स्वयं खुदकुशी कर ली थी। आखिर यह मनमुटाव क्या था। यह कोई नहीं बता पा रहा।
सभी कमरों के अलावा लैपटॉप तक बंद कर दिया था
पुलिस की जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि घटना को अंजाम देने से पहले चिकित्सक ने सरकारी आवास के सभी दरवाजे बंद कर लिए थे, ताकि किसी तरह की चीख पुकार न होने पाए। यहां तक उसने अपना लैपटॉप तक भी बंद कर दिया था। घटनास्थल से पुलिस ने हथौड़ा, चाकू, मोबाइल, दीमक मारने वाली दवा समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
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साइको वाला व्यक्ति ही कर सकता ऐसी क्रूरता : डॉ. योगेंद्र
रायबरेली। जिला अस्पताल के मनोरोग चिकित्सक डॉ. योगेंद्र सिंह का कहना है कि साइको वाला व्यक्ति ही लालगंज में हुई जैसी घटना को क्रूरता के साथ अंजाम दे सकता है। डिप्रेशन वाला व्यक्ति ऐसी घटना नहीं कर सकता। डिप्रेशन वाला व्यक्ति स्वयं खुदकुशी कर सकता है, लेकिन किसी की जान नहीं लेता है। उनका कहना है कि ऐसा नहीं है कि व्यक्ति साइको का शिकार है तो किसी को इसकी जानकारी हो। शांत स्वभाव वाला व्यक्ति भी साइको का शिकार हो सकता है। साइको की वजह से व्यक्ति को इसी तरह की घटनाएं करने के लिए बल मिलता है।
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घटना को किसलिए दिया गया अंजाम, चारों की मौत के बाद इस सवाल पर बरकरार है रहस्य
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी का दावा, दंपती में चल रहा था मनमुटाव, डिप्रेशन का शिकार था चिकित्सक
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। आरेडिका में तैनात डॉ. अरुण और उनकी पत्नी, दो बच्चों की मौत की गुत्थी अब भी अनसुलझी है। सवाल इस बात का है कि 13 साल बाद यह सब कैसे हो गया। शांत स्वभाव और मरीजों के लिए भगवान कहे जाने वाले डॉ. अरुण ने आखिर ऐसी क्रूरता क्यों की। पुलिस का दावा है कि दंपती में मनमुटाव चल रहा था। चिकित्सक डिप्रेशन का शिकार थे। इसी वजह से घटना हुई, लेकिन सवाल इस बात है कि दंपती मेंं मनमुटाव किसलिए था। वहीं ससुराल पक्ष भी घटना को लेकर कुछ नहीं बता पा रहा है। उसका यही कहना है कि सबकुछ ठीकठाक चल रहा था। इस घटना ने आरेडिका की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना में हुई घटना ने सभी को झकझोर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर की मौत की वजह हैंगिंग और पत्नी, दो बच्चों की मौत की वजह हत्या आई है। वर्ष 2008 में डॉक्टर की शादी हुई थी। शादी के एक दशक से ज्यादा समय बात भी किसी तरह कोई बात नहीं थी। हंसते खेलते परिवार में गमों का ऐसा पहाड़ टूट पड़ेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। घटना के बाद से यही बात कही जा रही है कि डॉक्टर डिप्रेशन का शिकार था। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि मृतक चिकित्सक और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर मनमुटाव चल रहा था। डॉक्टर डिप्रेशन मेंं भी था। इसी वजह से उसने पत्नी, बच्चों की हत्या करने के बाद स्वयं खुदकुशी कर ली थी। आखिर यह मनमुटाव क्या था। यह कोई नहीं बता पा रहा।
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सभी कमरों के अलावा लैपटॉप तक बंद कर दिया था
पुलिस की जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि घटना को अंजाम देने से पहले चिकित्सक ने सरकारी आवास के सभी दरवाजे बंद कर लिए थे, ताकि किसी तरह की चीख पुकार न होने पाए। यहां तक उसने अपना लैपटॉप तक भी बंद कर दिया था। घटनास्थल से पुलिस ने हथौड़ा, चाकू, मोबाइल, दीमक मारने वाली दवा समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
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साइको वाला व्यक्ति ही कर सकता ऐसी क्रूरता : डॉ. योगेंद्र
रायबरेली। जिला अस्पताल के मनोरोग चिकित्सक डॉ. योगेंद्र सिंह का कहना है कि साइको वाला व्यक्ति ही लालगंज में हुई जैसी घटना को क्रूरता के साथ अंजाम दे सकता है। डिप्रेशन वाला व्यक्ति ऐसी घटना नहीं कर सकता। डिप्रेशन वाला व्यक्ति स्वयं खुदकुशी कर सकता है, लेकिन किसी की जान नहीं लेता है। उनका कहना है कि ऐसा नहीं है कि व्यक्ति साइको का शिकार है तो किसी को इसकी जानकारी हो। शांत स्वभाव वाला व्यक्ति भी साइको का शिकार हो सकता है। साइको की वजह से व्यक्ति को इसी तरह की घटनाएं करने के लिए बल मिलता है।