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Lucknow News: बकाया गृहकर पर मकान सील, युवक ने दी जान
Sun, 11 Feb 2024 03:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 11 Feb 2024 03:26 AM IST
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लखनऊ। बाजारखाला इलाके में गृहकर बकाया होने के चलते मकान सील होने के सदमे में ई रिक्शा चालक ने शुक्रवार रात फांसी लगा ली। घटना के वक्त परिजन शादी में गए थे। शनिवार को घटना से नाराज परिजनों ने नगर निगम कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग को लेकर हैदरगंज तिराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया। मृतक के भाई ने बाजारखाला पुलिस को तहरीर दी है।
बाजारखाला के हैदरगंज वैरागी टोला निवासी शीतल कश्यप (34) ई रिक्शा चलाकर गुजारा करते थे। शीतल के भाई दीपू के मुताबिक शुक्रवार को वह मां फूलमती के साथ मामा रामदीन के बेटे वीरेंद्र की शादी में उन्नाव गए थे। शीतल घर में अकेले थे। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने 57 हजार रुपये गृहकर के बकाए का नोटिस चस्पा कर मकान सील कर दिया था। इससे सदमे में शीतल ने पिछले दरवाजे से घर में जाकर फांसी लगा ली।
शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोग शव लेकर सीधे हैदरगंज तिराहे पहुंच गए। वहां सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने नगर निगम जोन छह के कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
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बाजारखाला इंस्पेक्टर संतोष कुमार आर्य ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इसके बाद परिजनों ने शीतल का अंतिम संस्कार कर दिया। शीतल के बड़े भाई राजेश ने बाजारखाला कोतवाली में तहरीर दी है। इंस्पेक्टर संतोष कुमार आर्य ने बताया कि जांच की जा रही है।
मृतक के भाई दीपू ने बताया कि वह डेढ़ साल पहले नगर निगम जोन छह के दफ्तर में बकाया गृहकर की जानकारी करने गए थे। तब उन्हें 28 हजार रुपये बकाया बताया गया था। डेढ़ साल बाद टैक्स बढ़ाकर 57 हजार रुपये कर दिया।
मृतक के भाई राजेश के अनुसार शुक्रवार दोपहर बकाया गृहकर वसूलने पहुंची नगर निगम की टीम जब मकान सील कर रही थी तो मोहल्ले वालों ने विरोध किया था। उनका कहना था कि मकान के भीतर शीतल का ई रिक्शा खड़ा है। लोगों के मना करने के बावजूद कर्मचारियों ने मकान सील कर दिया। कुछ देर बाद जब शीतल घर पहुंचे तो उन्हें मकान सील होने की बात पता चली। कमाई का जरिया ई रिक्शा भी मकान के भीतर ही बंद हो गया था। इससे वह आहत थे। भाई के अनुसार उनका मकान एक हजार वर्गफिट का है। इसकी ऊपरी मंजिल में बड़े भाई राजेश परिवार के साथ रहते हैं। नीचे मां फूलमती के साथ दोनों भाई रहते थे। घर में पीछे की तरफ एक दरवाजा है। मेन गेट सील होने के बाद पिछले दरवाजे से घर में आवाजाही हो रही है। पिछले दरवाजे से ही शीतल ने भीतर जाकर फांसी लगाई थी।
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बाजारखाला के हैदरगंज वैरागी टोला निवासी शीतल कश्यप (34) ई रिक्शा चलाकर गुजारा करते थे। शीतल के भाई दीपू के मुताबिक शुक्रवार को वह मां फूलमती के साथ मामा रामदीन के बेटे वीरेंद्र की शादी में उन्नाव गए थे। शीतल घर में अकेले थे। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने 57 हजार रुपये गृहकर के बकाए का नोटिस चस्पा कर मकान सील कर दिया था। इससे सदमे में शीतल ने पिछले दरवाजे से घर में जाकर फांसी लगा ली।
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शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोग शव लेकर सीधे हैदरगंज तिराहे पहुंच गए। वहां सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने नगर निगम जोन छह के कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
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बाजारखाला इंस्पेक्टर संतोष कुमार आर्य ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इसके बाद परिजनों ने शीतल का अंतिम संस्कार कर दिया। शीतल के बड़े भाई राजेश ने बाजारखाला कोतवाली में तहरीर दी है। इंस्पेक्टर संतोष कुमार आर्य ने बताया कि जांच की जा रही है।
मृतक के भाई दीपू ने बताया कि वह डेढ़ साल पहले नगर निगम जोन छह के दफ्तर में बकाया गृहकर की जानकारी करने गए थे। तब उन्हें 28 हजार रुपये बकाया बताया गया था। डेढ़ साल बाद टैक्स बढ़ाकर 57 हजार रुपये कर दिया।
मृतक के भाई राजेश के अनुसार शुक्रवार दोपहर बकाया गृहकर वसूलने पहुंची नगर निगम की टीम जब मकान सील कर रही थी तो मोहल्ले वालों ने विरोध किया था। उनका कहना था कि मकान के भीतर शीतल का ई रिक्शा खड़ा है। लोगों के मना करने के बावजूद कर्मचारियों ने मकान सील कर दिया। कुछ देर बाद जब शीतल घर पहुंचे तो उन्हें मकान सील होने की बात पता चली। कमाई का जरिया ई रिक्शा भी मकान के भीतर ही बंद हो गया था। इससे वह आहत थे। भाई के अनुसार उनका मकान एक हजार वर्गफिट का है। इसकी ऊपरी मंजिल में बड़े भाई राजेश परिवार के साथ रहते हैं। नीचे मां फूलमती के साथ दोनों भाई रहते थे। घर में पीछे की तरफ एक दरवाजा है। मेन गेट सील होने के बाद पिछले दरवाजे से घर में आवाजाही हो रही है। पिछले दरवाजे से ही शीतल ने भीतर जाकर फांसी लगाई थी।