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अयोध्या : नियमित सुनवाई से जगी आस, चमकाए जाने लगे राममंदिर के लिए तराशे गए पत्थर

Sat, 10 Aug 2019 08:50 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या Published by: Amulya Rastogi Updated Sat, 10 Aug 2019 08:50 PM IST
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hopes high with regular hearing, rocks re being prepared for ram mandir
राम मंदिर के लिए तराशे गए पत्थर - फोटो : amar ujala
रामजन्मभूमि मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हफ्ते में पांच दिन सुनवाई शुरू होने से मामले के शीघ्र समाधान की उम्मीद जगी है। इसके बाद अयोध्या में रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में भी हलचल तेज हो गई है। यहां राममंदिर निर्माण के लिए 1990 से लेकर अब तक तराशे गये पत्थर रखे गये हैं। इनमें से अधिकांश पत्थरों की चमक धूमिल हो गई है और उन पर काई जम चुकी है। 
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नियमित सुनवाई शुरू होने के बाद से ही इन पत्थरों को चमकाने का भी काम तेजी से शुरू हो गया है। उम्मीद की जा रही है कि रामजन्मभूमि न्यास की बैठक भी शीघ्र हो सकती है जिसमें शेष बचे पत्थरों को राजस्थान से अयोध्या लाने व कार्यशाला में कारीगरों की संख्या बढ़ाने पर विचार हो सकता है। 
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अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाये जाने से दो साल पहले 30 अगस्त 1990 को अयोध्या के रामघाट क्षेत्र में कारसेवकपुरम कार्यशाला की स्थापना की गई थी। 1992 में रामजन्मभूमि कार्यशाला शुरू हुई तो 125 कारीगर थे। ढांचा विध्वंस के बाद काम प्रभावित हुआ लेकिन 50 कारीगरों ने काम जारी रखा। 10 साल तक 50 कारीगर ही लगे रहे। 
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2007-2010 तक पत्थरों की कमी के कारण काम बंद रहा। 2011 से काम फिर शुरू हुआ और तब से जारी है। कार्यशाला के मुख्य शिल्पकार रजनीकांत सोमपुरा बताते हैं कि मामले में नियमित सुनवाई से उम्मीद जगी है कि जिन पत्थरों को हम 1990 से तराश रहे हैं अब उनके उपयुक्त स्थान पर स्थापित होने का समय आ गया है। लंबे समय से रखे रहने के कारण जिन पत्थरों की चमक धूमिल हो गई है उन्हें भी चमकाने का काम तेज कर दिया गया है। बताया कि राममंदिर के लिए अब तक 70 प्रतिशत पत्थर तराशी का काम पूरा हो गया है। 

ग्राउंड फ्लोर का काम पूरा

रामघाट स्थित मंदिर निर्माण की कार्यशाला के शिल्पकार रजनीकांत सोमपुरा बताते हैं कि राममंदिर के प्रस्तावित मॉडल के अनुरूप निर्माण के लिए करीब पौने दो लाख घनफुट लाल पत्थरों की जरूरत है। उन्होंने बताया कि करीब सवा लाख घनफुट पत्थरों की तराशी का काम पूरा हो चुका है। जिससे ग्राउंड फ्लोर का निर्माण हो जाएगा। मंदिर में कुल 212 स्तंभ लगने हैं। पहली मंजिल में 106 व दूसरी मंजिल में 106। इसमें पहली मंजिल के 106 स्तंभों का काम पूरा हो चुका है। हर खंभे में फूल-पत्ती और 16 मूर्तियां बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त सिंहद्वार, रंगमंडप, कोली गर्भगृह का कार्य भी पूरा हो चुका है।

रामजन्मभूमि न्यास की बैठक जल्द 
पत्थरों की साफ-सफाई का काम नियमित प्रक्रिया है। राममंदिर मामले में नियमित सुनवाई संपूर्ण हिंदू समाज में उत्साह जगा है। शीघ्र ही रामजन्मभूमि न्यास की भी बैठक होने जा रही है। जिसमें तराशी के लिए राजस्थान में रखे पत्थरों को मंगाने सहित कार्यशाला में कारीगरों की संख्या बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है।
शरद शर्मा, प्रांतीय मीडिया प्रभारी, विहिप
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